गुरदासपुरः भारतीय किसान यूनियन चढूनी के पंजाब यूथ अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह बैंस द्वारा गुरदासपुर के गांव मांनचोपड़ा में रात को गांव के लोगों को दलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज दिखाई गई। यह फिल्म गांव के लोगों को दिखाने के लिए गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट भी की गई। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वह फिल्म देखने जरूर आए।
किसान नेता ने लोगों को बताया गया कि पुलिस ने किस तरह उसे समय लोगों पर अत्याचार किया था और उसे समय पंजाब के नौजवानों बुजुर्गों और महिलाओं को आतंकवादी घोषित कर उनका फर्जी एनकाउंटर किया गया। फिल्म में दिखाया गया कि लाशों को लावारिस बताकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाता था। भाई जसवंत सिंह खालड़ा ने इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उसका भी एनकाउंटर कर दिया गया।
वहीं लोगों का कहना है कि पंजाब के इतिहास को दबाने की कोशिश की जा रही है। जिसके चलते यह फिल्म बैन की गई है लेकिन लोग इस फिल्म को देखना चाहते हैं। इसलिए गांव गांव जाकर इस फिल्म की स्क्रीनिंग की जा रही है। लोगों का कहना है कि जितना सरकार इस फिल्म को दबाएगी वह उतना ही इसको लोगों तक पहुंचाएंगे।

