ऊना सुशील पंडित : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को आपसी सुलह एवं मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल आम नागरिकों को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय परिसर में समाधान समारोह-2026 का शुभारंभ 21 अप्रैल से हो चुका है। इस अभियान के अंतर्गत 21, 22 एवं 23 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा, जहां आपसी सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा।
शिखा लखनपाल ने बताया कि इच्छुक पक्षकारों की सुविधा के लिए एक सरल गूगल फॉर्म तैयार किया गया है, जो सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने पात्र पक्षकारों से आग्रह किया कि वे 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर अपने मामलों को विशेष लोक अदालत में शामिल करवाकर इस अवसर का लाभ उठाएं। मानसिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों को मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मानसिक विकार एवं मानसिक मंदता से प्रभावित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति अथवा उनके परिजन नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त संबंधित व्यक्ति उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर भी निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक आवेदकों के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। शिखा लखनपाल ने कहा कि मानसिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण एवं उन्हें न्यायिक सहायता से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने पात्र व्यक्तियों एवं उनके परिजनों से इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

