शिमला : केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग के निदेशालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत स्थाई प्रतीक्षा सूची (परमानेंट वेट लिस्ट) को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से अंतिम रूप प्रदान करने के लिए आवास प्लस सिस्टम में पोस्ट-डिलीशन मॉड्यूल आरम्भ किया गया है। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विलोपन प्रक्रिया (डिलीशन प्रक्रिया) पूर्ण होने के उपरांत यह मॉड्यूल ग्राम सभाओं को सिस्टम द्वारा तैयार प्राथमिकता सूची की समीक्षा करने, लाभार्थियों के विवरण को सत्यापित करने और निर्धारित पात्रता एवं प्राथमिकता मापदंडों के आधार पर आवश्यक संशोधनों की सिफारिश करने की सुविधा प्रदान करता है। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रत्येक संशोधन का कारण प्रणाली में दर्ज करवाना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि इस मॉड्यूल में ग्राम सभा की जियो-टैग्ड एवं समयांकित फोटो अपलोड, कार्यवाही का स्वतः तैयार प्रारूप, पंचायती राज संस्थाओं के हस्ताक्षर एवं मुहर तथा दस्तावेजों का एआई आधारित सत्यापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची में शामिल न किए गए पात्र परिवार निर्धारित प्रावधानों के अनुसार जिला स्तरीय अपीलीय समिति के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकेंगे। सभी अपीलों के निस्तारण के उपरांत अंतिम स्थायी प्रतीक्षा सूची के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवासों की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास निदेशालय ने सभी उपायुक्तों, जिला विकास अधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों तथा पंचायती राज संस्थाओं से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए इस कार्य को समयबद्ध 10 जुलाई 2026 तक पारदर्शी ढंग से पूर्ण करने का आग्रह किया है।

