HomeGovernment NewsHimachal Govtमुख्यमंत्री ने कहा वीबी-जी-राम-जी योजना हिमाचल के हित में नहीं, केंद्र से...

मुख्यमंत्री ने कहा वीबी-जी-राम-जी योजना हिमाचल के हित में नहीं, केंद्र से उठाएंगे मामला

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण हिमाचल के समग्र विकास में इस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने आज यहां विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विभाग में खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नई भर्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद कर उसकी जगह ‘वीबी-जी-राम-जी योजना’ लागू करना हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध करवाती थी, जबकि नई योजना में कुल खर्च का 10 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होगा। इससे राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, इसलिए इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निर्माणाधीन पंचायत घरों को पूरा करने के लिए सरकार 30 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी। ऊना में बन रहे जिला पंचायत संसाधन केंद्र के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए भी अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को आजीविका मजबूत करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता प्रदान की जा चुकी है।

स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए शिमला में ‘हिमाचल हाट’ का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पंडोह और कुल्लू में भी शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि धर्मशाला में ऐसा शोरूम पहले से संचालित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उन्हें फूड वैन भी उपलब्ध करवाई गई हैं और भविष्य में ऐसी और वैन भी प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव को विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ने के निर्देश भी दिए, ताकि उनकी ऑनलाइन निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव सी. पालरासु, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

 

- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img
- Advertisement - spot_img
- Advertisement -

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -