फतेहगढ़ चुरियांः मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब अब ‘काम की राजनीति’ और परिवार-केंद्रित राजनीति के बीच स्पष्ट अंतर समझता है। फतेहगढ़ चुरियां के घनिया के बांगर में आयोजित एक विशाल ‘लोक मिलनी’ (जन-संवाद) कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री ने 90 प्रतिशत परिवारों के लिए मुफ्त बिजली, 10 लाख तक के इलाज की सुविधा, 88 प्रतिशत कृषि भूमि के लिए नहर के पानी की आपूर्ति और महिलाओं के लिए सीधी आर्थिक सहायता जैसी पहलों का जिक्र किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का ध्यान शासन के लाभ सीधे लोगों तक पहुँचाने पर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल साढ़े चार वर्षों में उतना काम किया है जितना कांग्रेस और अकाली सरकारों ने 22 वर्षों में किया था, और सरकारी स्कूलों में आए बदलाव ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुँचा दिया है। सभा के दौरान किए गए जन-सर्वेक्षण में मिले ज़बरदस्त समर्थन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2027 से पहले लोगों का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है।
‘X’ पर पोस्ट करते मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा कि फतेहगढ़ चुरियां निर्वाचन क्षेत्र के गाँव घनिया के बांगर में एक विशाल जनसभा के लिए जुटे माझा के लोगों द्वारा आज दिखाया गया प्यार और उत्साह वास्तव में अद्भुत था। पारंपरिक पार्टियों ने ‘मैं और मेरा परिवार’ के लिए पंजाब को लूटा, लेकिन हमने ईमानदारी से काम किया है; हमने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 10 लाख तक का मुफ्त इलाज, किसानों के खेतों के लिए नहर का पानी और अपनी माताओं-बहनों को सीधी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। इन्हीं नीतियों के कारण पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनकर उभरा है।
पोस्ट में कहा कि रैली में एक पब्लिक सर्वे के दौरान लोगों ने हाथ उठाकर जो ज़बरदस्त समर्थन दिखाया, उससे साबित होता है कि हम पर उनका भरोसा अटूट है। इससे यह भी पता चलता है कि 2027 में पंजाब के लोग एक बार फिर विकास का रास्ता चुनेंगे। क्रांति अमर रहे। फतेहगढ़ चुरियन विधानसभा क्षेत्र में ‘लोक मिलनी’ (जन-संवाद) कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का ध्यान परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने, सरकारी संस्थानों को मज़बूत करने और ज़रूरी सेवाओं को बेहतर बनाने पर है। उन्होंने कहा कि शासन तभी सार्थक होता है जब उसके फ़ायदे आम आदमी तक पहुँचें। हमारी सरकार परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने और ज़रूरी सार्वजनिक सेवाओं को मज़बूत करने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए हैं, जबकि कांग्रेस और अकाली सरकारों ने पंजाब पर 22 साल तक शासन किया। उन्होंने शिक्षा, हेल्थकेयर, बिजली, सिंचाई, रोज़गार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम सेक्टर पर ज़ोर दिया, जहाँ उनकी सरकार ने प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा उनकी सरकार के एजेंडे का मुख्य आधार है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूल, जिन्हें सालों तक नज़रअंदाज़ किया गया था, अब बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता पर ज़्यादा ध्यान देकर बदले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक मूल्यांकन में पंजाब को अग्रणी स्थान दिलाने में शैक्षिक सुधारों ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को बदलने के लिए किए गए सुधारों ने साबित कर दिया है कि जब सरकारी संस्थानों को लगातार ध्यान और पर्याप्त संसाधन मिलते हैं, तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि जो पार्टियां पहले राज्य पर शासन करती थीं, वे अब अपने आंतरिक मतभेदों के बावजूद एकजुट होने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा का जिक्र करते कहा कि अलग-अलग समय पर शासन करने के बाद, ये पार्टियां अब पंजाब में राजनीतिक पकड़ फिर से हासिल करने के लिए बेताब कोशिशें कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि लोग अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल का मूल्यांकन करेंगे और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर उनके प्रदर्शन की तुलना करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोग हर सरकार के कामकाज का आकलन करने में पूरी तरह सक्षम हैं; वे असल में किए गए कामों और अपने परिवारों से जुड़े मुद्दों के आधार पर अपना फ़ैसला करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जन-संपर्क कार्यक्रम (*लोक मिलनी*) ने फतेहगढ़ चुरियन के निवासियों को मुख्यमंत्री के सामने सीधे अपने स्थानीय मुद्दे उठाने का मौका दिया है। उन्होंने पंजाब के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों और जन-कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, बुनियादी ढांचे और रोज़गार पर लगातार ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया।
इस मौके पर पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक शेरी कलसी, चेयरमैन जोबन रंधावा (चुनाव क्षेत्र प्रभारी, फतेहगढ़ चुरियां), राज्य सचिव गुरदेव सिंह लखना, उपाध्यक्ष जगरूप सिंह सेखवां, ज़िला अध्यक्ष मनदीप सिंह गिल, चेयरमैन राजीव शर्मा, कादियां चुनाव क्षेत्र प्रभारी गुरइकबाल सिंह महल, मुखदेव सिंह अलोवाल और दलजीत सिंह लकी के साथ-साथ फतेहगढ़ चुरियन के पार्टी कार्यकर्ता और नेता भी मौजूद थे।
