अमृतसरः सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में बंदी छोड़ दिवस और दिवाली का पवित्र त्योहार बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज सुबह से ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री दरबार साहिब पहुँच रहे हैं। श्रद्धालु गुरु के दरबार में नतमस्तक होकर सभी की भलाई, और अपने परिवारों की शांति व समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक जसबीर सिंह ने भी श्री हरमंदिर साहिब पहुंचकर मत्था टेका। उन्होंने देश-विदेश में रहने वाले सिख समुदाय को बंदी छोड़ दिवस और दिवाली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज श्री दरबार साहिब में एक अत्यंत दिव्य और अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। उन्होंने गुरु के चरणों में प्रार्थना की कि पंजाब हमेशा चढ़दी कला में रहे और आपसी भाईचारे का बंधन मज़बूत बना रहे। उन्होंने गुरु के दरबार में कीर्तन सुनकर मिलने वाले आध्यात्मिक आनंद का भी जिक्र किया।
इस मौके पर प्रदीप कौर नाम की एक श्रद्धालु ने बंदी छोड़ दिवस के इतिहास के बारे में बताते कहा कि छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को रिहा करवाकर अमृतसर पहुंचे थे। उनके आगमन की खुशी में, संगत ने पूरे परिसर को दीपमाला से रोशन किया और आतिशबाजी की। इसी घटना की याद में, सिख समुदाय इस दिन को बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है। इसके अलावा, अन्य श्रद्धालुओं ने गुरु से जुड़े इतिहास को याद करते हुए कहा कि यह दिन सांप्रदायिक सद्भाव और धार्मिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने सभी परिवारों की समृद्धि और पूरी मानवता के कल्याण के लिए गुरु के समक्ष प्रार्थना की। गौरतलब है कि ‘बंदी छोड़ दिवस’ के अवसर पर, शाम को श्री दरबार साहिब में दीपमाला और आतिशबाजी का भव्य आयोजन किया जाएगा; इस नज़ारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।
