अमृतसरः दिल्ली के गुरुद्वारा बांग्ला साहिब में पुलिस द्वारा सिख धार्मिक मर्यादा के कथित उल्लंघन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले के संबंध में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने श्री अकाल तख्त साहिब जाकर जत्थेदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के आचरण पर सवाल उठाते विधायकों ने सिख धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया। इस मौके पर विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा ने कहा कि वे भारी मन से श्री अकाल तख्त साहिब आए हैं और उन्होंने घटना के बारे में अपना पक्ष जत्थेदार को बताया है। उन्होंने 10 अक्टूबर की घटनाओं को सिखों के लिए काला दिन करार दिया। गियासपुरा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी जूते पहनकर और बिना सिर ढके गुरुद्वारा बांग्ला साहिब के परिसर में दाखिल हुए, जिससे सिख धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन हुआ।
उन्होंने मामले की गंभीरता पर जोर देते कहा कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सिख समुदाय अब फैसले के लिए जत्थेदार की ओर देख रहा है।
विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने भी पुलिसकर्मियों के गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रवेश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जहां बच्चे मासूमियत में गुरुद्वारा साहिब में दाखिल हुए थे। वहीं पुलिसकर्मियों का जूते पहनकर और बिना सिर ढके कथित प्रवेश धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन है। डॉ. निज्जर ने धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसी कार्रवाइयों से बचने और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करने का आग्रह किया। विधायकों ने जत्थेदार से उन्हें सौंपे ज्ञापन पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह करते मामले में ठोस निर्णय लेने पर जोर दिया। अब सबकी नजरें इस मुद्दे पर श्री अकाल तख्त साहिब के रुख पर टिकी होंगी।
