अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा ने आरोप लगाया कि उन्हें परिसर में घुसने से रोका गया। मीडिया से बात करते गियासपुरा ने दावा किया कि उन्हें उनकी जाति के आधार पर अंदर जाने से मना किया गया।
विधायक ने बताया कि उन्होंने 1984 के सिख मामलों में न्याय के लिए लंबे समय तक लड़ाई लड़ी है और दावा किया कि 79 सिखों को न्याय दिलाने में उन्होंने भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष के दौरान उन्हें 11 बार जेल जाना पड़ा।
गियासपुरा ने आरोप लगाया कि दलित समुदाय के साथ भेदभाव आज भी जारी है। SGPC के मैनेजमेंट पर सवाल उठाते उन्होंने कहा कि इस संस्था को आजाद कराने की जरूरत है। वहीं विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा के आरोपों पर SGPC या संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पूरी बात तभी साफ हो पाएगी जब दूसरे पक्ष का बयान सामने आएगा।
