श्री मुक्तसर साहिबः सरहद फीडर नहर में से गाड़ी समेत गोताखोरों की टीम ने संदिग्ध परिस्थितियों में लापता बैंक मैनेजर का शव बरामद किया। मृतक बैंक मैनेजर की पहचान सिमरनजीत सिंह बराड़ पुत्र दर्शन सिंह बराड़ निवासी श्री मुक्तसर साहिब के रूप में हुई है। सिमरनजीत सिंह मुक्तसर की नजदीकी गांव लखेवाली में सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में मैनेजर की पोस्ट पर तैनात था। मिली जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर बुधवार की रात को अपने दोस्तों के साथ वरना कार में सवार हो पार्टी के लिए घर से गया था। जहां वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था।
जिसके बाद पहले तो परिवार की तरफ से उस बैंक मैनेजर को अपने स्तर पर ढूंढने की कोशिश की गई, लेकिन जब उसे बैंक मैनेजर का कोई पता नहीं चला तो परिवार द्वारा पुलिस को शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा गोताखोरों की टीम और एनडीआरएफ की टीमों को बुलाकर मुक्तसर के नजदीकी गांव भुल्लर के पास से गुजरती राजस्थान और सरहद फीडर नहर में उस बैंक मैनेजर की तलाश शुरू की गई। गोताखोरों द्वारा तालाश करने के 2 दिन बाद गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम की सहायता से लापता हुए बैंक मैनेजर को मृतक अवस्था में उसकी कार समेत सरहिंद फीडर नहर से बाहर निकल गया।
मीडिया के साथ बातचीत करते हुए श्री मुक्तसर साहिब के एसएसपी तुषार गुप्ता ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सिमरन दीप सिंह नाम का व्यक्ति दो दिन से लापता था और पूछताछ करने पर सामने आया कि वह अपने दोस्तों के साथ गांव भुल्लर के पास से गुजराती नहरों पर आया था और वह लोग यहां पर काफी देर तक बैठे रहे थे। पुलिस ने कहा कि उसके बाद लोग वापस घर चले गए थे लेकिन सिमरन दीप सिंह बराड़ घर नहीं पहुंचा था। जिसके बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा और परिवार की शिकायत पर पुलिस द्वारा सिमरन दीप के सभी दोस्तों से पूछताछ की गई और पुलिस द्वारा नहर पर आकर बारीकी से जांच पड़ताल शुरू की गई।
नहर के पास गाड़ी के टायरों के निशान मिलने से गाड़ी के नहर में गिरने का संदेह हुआ और इसके बाद पुलिस प्रशासन के द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों की टीम और एनडीआरएफ की टीम की सहायता से सरहिंद फीडर नहर में से सिमरन दीप सिंह का शव और गाड़ी बरामद करके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए श्री मुक्तसर साहिब के सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को भी बुलवाया गया है ताकि इस घटना का पता लगाया जा सके कि यह हादसा है या साजिश और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के अनुसार ही कार्यवाही की जाएगी।
