गुरदासपुरः पंजाब में पिछले एक सप्ताह में पराली जलाने की घटनाओं की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, जिसमें एक ही दिन में 194 मामलों की वृद्धि हुई है, जिससे संचयी कुल आंकड़ा 1,007 हो गया है। इन घटनाओं में से 672 मामले तीन जिलों तरनतारन, अमृतसर और फिरोजपुर से रिपोर्ट किए गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल 15 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच पंजाब में पराली जलाने के 542 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं गुरदासपुर के एसपी नवजोत सिंह की पराली जलाने की घटनाओं को लेकर बयान सामने आया है।
उन्होंने किसानों से पराली में आग ना लगाने की अपील की है। एसएसपी बटाला डॉ. मेहताब सिंह और डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर के अलावा, पुलिस की कई टीमें दमकल वाहनों के साथ गुरदासपुर जिले के विभिन्न गांवों में गश्त कर रही हैं। उन्होंने का कि पराली जालने को लेकर जहां भी शिकायत मिलती है, नागरिक प्रशासन और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचते हैं और रास्ते में जहां भी आग दिखाई देती है, उसे तुरंत बुझा दिया जाता है।
इसके अलावा, किसान को चालान जारी किया जाता है। ऐसे में अगर घटनाएं ज्यादा है तो उक्त किसानों खिलाफ मामला भी दर्ज किया जा सकता है। बता दें कि आंकड़ों से पता चला कि 28 अक्टूबर तक कुल मामलों की संख्या 813 थी, और 29 अक्टूबर को 194 की हालिया तेजी के साथ, कुल आंकड़ा अब 1,007 पर पहुंच गया है। 1,007 पराली जलाने की घटनाओं में से, तरनतारन में सबसे बड़ा हिस्सा यानी 397 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद अमृतसर में 171 और फिरोजपुर में 104 मामले सामने आए। आंकड़ों से पता चला कि तरनतारन और अमृतसर में कुल धान के खेती वाले क्षेत्र का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पहले ही काटा जा चुका है।
