चंडीगढ़: पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपने सपनों को साकार करने के अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार के प्रभावी हस्तक्षेप और विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय के परिणामस्वरूप वर्ष 2025 तथा जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान कुल 137 बाल विवाह सफलतापूर्वक रोके गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने 2,076 बाल विवाह रोकथाम अधिकारी (सीएमपीओ) नामित किए हैं। इनमें प्रदेश के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपल शामिल हैं। ये अधिकारी गांवों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने, बाल विवाह के संदिग्ध मामलों की पहचान करने तथा समय रहते कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बाल विवाह किसी भी बच्चे से उसका बचपन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य छीन लेता है। इसलिए इस कुरीति को समाप्त करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के माध्यम से भी इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
