पठानकोट/अनमोलः संत निरंकारी मिशन द्वारा अमृत महोत्सव के अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राज पिता के पावन सानिध्य में 26 फरवरी को अमृत परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ जल स्वच्छ मन का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल सरंक्षण तथा इसके बचाव हेतु अपनाई जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाना एवं उन्हें क्रियावन्ति रूप देना है। इस परियोजना का मुख्य बिंदु जल निगम की स्वच्छता एवं स्थानीय जनता के बीच जागरूकता अभियान के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करना है।
बाबा हरदेव सिंह द्वारा समाज कल्याण हेतु जीवन पर्यंत अनेक कार्य किए गए। जिसमें (स्वच्छता अभियान ) (पौधारोपण अभियान) का आरंम्भ प्रमुख है और उन्हीं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष संत निरंकारी मिशन के द्वारा निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज जी के निर्देशन में संपूर्ण भारत वर्ष के लगभग 1000 स्थानों के 730 शहरों 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशाल रूप से (अमृत परियोजना) का आयोजन किया गया।
इस परियोजना में निरंकारी मिशन के लगभग एक लाख 50 हजार स्वयंसेवक अपने सहयोग द्वारा जल संरक्षण और जल निकाओं आदि में अपनी सेवाएं निभाई। जानकारी देते हुए संत निरंकारी मिशन ब्रांच सुजानपुर के मुखी महात्मा ने बताया कि सुजानपुर के पुल नंबर 4 नहर किनारे और पुल नंबर 5 पर भी जोनल इंचार्ज महात्मा मनोहर लाल शर्मा की अध्यक्षता में अमृत परियोजना और सफाई अभियान के तहत सेवादल के भाइयों, बहनों और साध संगत के भाइयों, बहनों ने अपना-अपना योगदान दिया। इस अवसर पर सुजान पुर मिंसिपल कमेटी की (प्रधान अनुराधा बाली ), सेवादल के संचालक महात्मा संतोख राज, शिक्षक महात्मा सरदारी लाल, शह शिक्षक तिलक राज, महात्मा ओम प्रकाश और महात्मा अमरजीत, एवं संचालिका बहन मंजू शर्मा उपस्थित हुए।
