ऊना/सुशील पंडित: विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर उपमंडल बंगाणा के मुख्य पशुपालन अस्पताल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ. राजेश कुमार जंगा ने की। इस अवसर पर क्षेत्र के लगभग 60 किसानों ने भाग लिया और पशु पालन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को पशुओं के स्वास्थ्य, देखभाल तथा उन्नत नस्लों के महत्व के बारे में जागरूक करना था, ताकि पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अभिनव सोनी और डॉ. दीपशिखा ने उपस्थित किसानों को पशुओं की दैनिक देखभाल, संतुलित आहार, साफ-सफाई और समय-समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों को बताया कि पशुओं में होने वाले सामान्य रोगों की पहचान समय रहते करना बहुत जरूरी है।
यदि किसी पशु में भूख कम लगना, बुखार आना, दूध उत्पादन में कमी या व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क करना चाहिए। डॉ. अभिनव सोनी ने पशुओं में टीकाकरण और कृमिनाशक दवाओं के उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर टीका करण कराने से कई बीमारियों से बचाव संभव है और पशुओं की उत्पादकता भी बढ़ती है। वहीं, डॉ. दीपशिखा ने पशुओं के रहने के स्थान की स्वच्छता और मौसम के अनुसार उनकी देखभाल करने पर विशेष जोर दिया।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ. राजेश कुमार जंगा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यदि इसे वैज्ञानिक तरीके से किया जाए तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने किसानों को बेहतर और उन्नत नस्ल के पशु रखने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उपमंडल बंगाणा के पशुपालन विभाग में फार्मासिस्ट बलबीर सिंह,तिलक राणा नरेश कुमार नंद लाल भीम सिंह, सुरेश कुमार वीरेंद्र ठाकुर सुनंदन शर्मा डिम्पल ठाकुर राज कुमार मिन्हास आदि समस्त वेटनरी स्टाफ भी मौजूद रहा ।
