नई दिल्ली: पीएम मोदी ने मन की बात का 139वां एपिसोड होस्ट किया। इस दौरान उन्होंने देश विदेश के लोगों से अपने विचार शेयर किए। पीएम ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम उनके लिए एक तीर्थयात्रा की तरह है। त्योहारी सीजन का जिक्र करते हुए यह कहा कि वोकल फॉर लोकर की भावना हमारे उत्पादों की दुनिया भर के बाजारों तक पहुंच गई है। लोगों की कपास की खेती पर भी पीएम ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में खेती विरासत मिशन नाम की एक संस्था ने ऑर्गेनिक और पारंपरिक कृषि के तौर तरीकों को नया जीवन देना शुरु कर दिया है। इस टीम के लोग पंजाब के मालवा क्षेत्र में कपास की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहते थे। इस पहल का नाम नव त्रिन्जन दिया गया है।
स्वच्छता अभियान पर दें जोर
मन की बात कार्यक्रम में पीएम ने यह भी कहा कि दीवाली और छठ के पावन मौके के लिए अब कुछ ही दिन रह गए हैं। इसके लिए अब जगह-जगह स्वच्छता अभियान भी शुरु हो चुके हैं। ऐसे में यह जरुरी है कि हम ऐसी जगहों को साफ रखें जहां पर हम रहते हैं। हमारी छोटी-छोटी कोशिशें ही हमारे आस-पास बदलाव लेकर आएंगी।
बिना केमिकल उगाई जाती है कपास
पीएम ने कहा कि इस पहल के अतंर्गत अब बिना केमिकल का इस्तेमाल किए हुए ऑर्गेनिक कपास उगाई जाती है। यहां पर प्राकृतिक रंगों वाली कपास भी उगाई जाती है। इससे बने हुए धागे और कपड़े को रंगने के लिए अलग से केमिकल इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं पड़ती आप कल्पान कर सकते हैं कि इससे पर्यावरण को कितनी बड़ी मदद मिल सकती है।
वोकल फॉर लोकल पर दिया जोर
पीएम मोदी ने इस दौरान वोकल फॉर लोकल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार का मखाना और कर्नाटक की अरहर दाल को पूरी दुनिया में नए बाजार मिल रहे हैं। महाराष्ट्र के आदिवासी उत्पादों को ऐसी पैकेजिंग के जरिए पहचान मिल रही है। यह आदिवासी कला की समृद्धि को दर्शाती है। इसके अलावा खादी की लोकप्रियता को भी बढ़ावा मिल रहा है इससे उन कारीगरों को सहारा मिल रहा है जिनकी कला हमारी परंपराओं को जिंदा रखती है। ऐसे में अपने स्थानीय कारीगरों के द्वारा बनाए गए उत्पादों को चुनकर वोकल फॉर लोकल को मजबूत करें।