करनालः हरियाणा के करनाल में सिंगर दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर फायरिंग की घटना को लेकर देर रात हड़कंप मचा रहा। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने फायरिंग करने की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। यह घटना हरियाणा के गोंदर गांव में हुई। गांव के रंजीत नगर में पुलिस को गुरप्रीत सिंह के घर गोलीबारी की सूचना मिली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और CIA टीमें भी पहुंचीं। उन्होंने गोलीबारी के संबंध में व्यापक पूछताछ की और गोली के खोलों की तलाश भी की, लेकिन देर रात तक पुलिस को कोई भी खोला बरामद नहीं हुआ।
इस घटना को फिलहाल झूठी और अफवाह बताया जा रहा है। वहीं गोंदर गांव के पूर्व सरपंच जोगा सिंह का कहना है कि उनके गांव में कोई गोली नहीं चली। उन्होंने भी गोली चलने की खबर को झूठी और अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि एक घंटे से पुलिस जांच करती रही। पूर्व सरपंच ने कहाकि परिवार घर में सो रहा था और हमने खुद उन्हें उठाया और गोली चलने को लेकर अवगत करवाया। वहीं लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से टायसन बिश्नोई और आरजू बिश्नोई के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आया है, जिसमें इस वारदात का दावा किया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप कांग के घर (गोंदर गांव, हरियाणा) पर आज जो ऑस्ट्रिया‑मेड हथियार से गोलियां चलाई गईं, वे टायसन बिश्नोई, उसके भाई आरजू बिश्नोई और हरि बॉक्सर (लॉरेंस बिश्नोई गैंग) की ओर से चलवाई गईं। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि सिंगर दिलजीत दोसांझ, उनकी मैनेजर सोनाली और गुरप्रताप कांग को पहले ही एक संदेश दिया गया था।
पोस्ट में आगे दावा किया गया है कि ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान पंजाब की एक लड़की को सुनहरे सपने दिखाकर झांसे में लिया गया और कलाकार दिलजीत के नाम पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। हालांकि, पोस्ट में यह भी कहा गया है कि दिलजीत दोसांझ और उनकी टीम को संदेह का लाभ दिया जा रहा है और संभव है कि वे इन बातों से अनजान हों। इसी वजह से कथित तौर पर कई बार संदेश भेजकर दिलजीत और उनकी टीम से इन लोगों को अलग करने की बात कही गई थी। दावा किया गया कि कर्मचारियों द्वारा लड़कियों के शोषण और तथाकथित फर्जी शो के जरिए सामूहिक रूप से उनका फायदा उठाने की बात कही गई थी, जिसको लेकर चेतावनी दी गई थी।

