लुधियानाः शहर के विश्वकर्मा कॉलोनी जमालपुर की रहने वाली रानी वर्मा व एक अन्य महिला ने जमालपुर के ही रहने वाले प्रताप सिंह पर उनके बच्चों को झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाए हैं। वह उनके बच्चों को मारने की भी धमकी दे रहा है जिससे उनमें डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह कमिश्नर दफ्तर भी गए हैं। उन्होंने गुहार लगाई कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए।
जानकारी देते रानी वर्मा ने बताया कि उनका बेटा शिंदा 24 अप्रेल को अपने बेटे को स्कूल छोड़ने जा रहा था। जब वह मंडी के पास पहुंचा तो वहां कोई फोन चोरी करके ले जा रहा था। लोग उस चोर को पकड़ने के लिए दौड़े तभी प्रताप सिंह उसके बेटे के पास आ गया और उस पर चोरी का इल्जाम लगाने लगा और सभी को कहने लगा कि इसी ने चोरी की है। इस दौरान उनके बेटे ने प्रताप सिंह को कहा कि अंकल आप मुझे जानते भी हो और आप मुझपर ऐसे कैसे इल्जाम लगा रहे हो। इस दौरान प्रताप नहीं माना और उसके बेटे के साथ बहस और धक्का-मुक्की करनी शुरू कर दी। तभी बीच-बचाव में लोग आए और एक व्यक्ति ने कहा कि यह वो चोर नहीं है और चोर दूसरी बाइक पर बैठकर चला गया है जिसके बाद मामला शांत हो गया।
वहीं इस घटना के बाद वह खुद भी प्रताप के पास गए और उससे माफी भी मांगी थी। इस घटना के करीब 10 से 12 दिन बाद उन्हें पता चला कि उसके बेटे पर प्रताप सिंह ने केस दर्ज करवा दिया है। इस बारे में प्रताप सिंह से बात की तो उसने कहा कि वह शिंदे को सबक सिखाएगा। प्रताप का बेटा जेल में बंद है और प्रताप सिंह हर बार उनको धमकी देता है कि जब उसका बेटा बाहर आ जाएगा तो वह शिंदे को मार देगा। प्रताप सिंह हमेशा उसके दोनों बेटों को मारने की धमकी देता है। उन्होंने कमिश्नर दफ्तर भी शिकायत दी है। उन्होंने गुहार लगाई कि उनके 2 बेटे ही उनका सहारा है और अगर उन्हें कुछ होता है तो वह बेसहारा हो जाएगी। इसलिए उन्हें इंसाफ दिलवाया जाए और उन पर झूठा केस रद्द किया जाए। जब प्रताप सिंह से इस बारे में बात करनी चाही तो वह अपना पक्ष देने से बचते रहे है और गलत तरीके से व्यावहार करते हुए चले गए।

