टेक्नोलॉजी: एआई और स्मार्ट ग्लासेज को लेकर दुनिया में तेजी से बदलाव होते जा रहे हैं। Meta के Ray-Ban स्मार्ट ग्लास को नेक्स्ट जेनेरेशन टेक्नोलॉजी बताया जा रहा है परंतु अब इन्हीं ग्लासेज को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसने प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, Meta Rayban स्मार्ट ग्लासेज से रिकॉर्ड होने वाली कुछ वीडियो क्लिप्स इंसान बैठकर भी देख रहे हैं यानी की जो लोग स्मार्ट ग्लास पहन रहे हैं वो खुद भी निगरानी का हिस्सा बन सकते हैं।
27 फरवरी को स्वीडन की अखबर में Svenska Dagbladet की एक इनवेस्टिगेशन में Meta Ray Ban पार्टनरशिप और उसके AI ग्लासेज के काम करने के तरीके को भी देखा गया है। जांच में सामने आया है कि इन ग्लासेज से रिकॉर्ड हुए फुटेज कई लोगों तक पहुंचती है जिनमें एआई को ट्रेन करने वाले ह्यूमन ट्रेनर भी शामिल हैं।
सबकुछ हुआ कैमरे में रिकॉर्ड
केन्या के नैरोबी में स्थित एक कंपनी से जुड़े कुछ अनोनिमस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि उन्होंने ऐसे वीडियो देख हैं जिसमें लोग अपनी सबसे पर्सनल और संवेदनशील स्थितियों में दिखते हैं। रिपोर्ट्स में ऐसी वीडियोज का भी जिक्र हुआ है कि जहां कपड़े बदलते हुए या पार्टनर के साथ प्राइवेट मोमेंट्स रिकॉर्ड हुए हैं और उसे मेटा में ट्रेनिंग के नाम पर ह्यून मॉडरेटर देख रहे हैं। ऐसे पल जिसमें मेटा के स्मार्ट ग्लास पहनने वाले यूजर शायद बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि कैमरा चालू हो।
इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि Sama नाम की कंपनी मेटा की केन्याई सब-कॉन्ट्रैक्टर है जो ऐसे कर्मचारियों को उपलब्ध करवाती है। ये तस्वीरों और वीडियो में चीजों की पहचान करके मेटा के एआई को ट्रेन करते हैं। हजारों लोग स्क्रीन पर बॉक्स बनाकर अलग-अलग ऑब्जेक्ट पहचानते हैं। यह डेटा बाद में एआई सिस्टम को दिया जाता है ताकि उसके मॉडल अच्छे हो पाए।
ग्लासेज में दिखा सबकुछ
एक कर्मचारी ने रिपोर्ट में बताया है कि उसने वीडियो देखे जिनमें लोग बाथरुम में जा रहे थे या कपड़े उतार रहे थे हालांकि उसने यह भई कहा था कि उसे नहीं पता था कि वीडियो में कैद लोग जानते थे या नहीं कि उन्हें रिकॉर्ड किया जा रहा है लेकिन यह साफ है कि वो शायद नहीं चाहेंगे कि उनकी यह फुटेज कही ओर न देखी जाए। रिपोर्ट में बाकी कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव शेयर किए हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि उसने एक वीडियो देखा जिसमें एक आदमी ने अपने स्मार्ट ग्लास बेडसाइड कैबिनेट पर रख दिए और कमरे से बाहर चला गया और कुछ देर बाद एक महिला कमरे में आकर कपड़े बदलने लगी। डेटा एनोटर्टर्स को दिखाए गए वीडियो में क्रेडिट कार्ड की जानकारी और सेक्स गतिविधियों की भी फुटेज शामिल थी। कुछ वीडियो यूजर ने जानबूझ कर रिकॉर्ड किए होंगे लेकिन माना जा रहा है कि कई मामलों में यह रिकॉर्डिंग बिना पूरी जानकारी या सहमति के हो गई। ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में रिकॉर्ड हुई फुटेज यदि लीक हो जाए तो यह बहुत ही शर्मनाक और खतरनाक साबित होगी।
ऐसे स्मार्ट ग्लासेज क्या है?
Meta ने Ray-Ban के साथ मिलकर यह स्मार्ट ग्लास बनाए हैं। देखने में ये सामान्य सनग्लास जैसे लगते हैं लेकिन इनके अंदर छोटे कैमरे माइक्रोफोन और स्पीकर लगे होते हैं। यूजर इन ग्लास के मदद से फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। लाइव स्ट्रीम कर सकते हैं। वॉयस कमांड से AI Assistant से सवाल पूछ सकता है।
टेक कंपनियों की सलाह
मेटा का कहना है कि कंपनी प्राइवेसी को लेकर गंभीर है। कंपनी ने दावा किया है कि यूजर डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इसके अलावा कंपनी का कहना है कि रिकॉर्डिंग के समय LED लाइट जाती है ताकि लोगों को पता चल पाए लेकिन प्राइवेसी एडवोकेट्स का यही कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है क्योंकि समस्या सिर्फ रिकॉर्डिंग नहीं है बल्कि उस डेटा के इस्तेमाल की भी है।
कानून अभी भी है पीछे
नई टेक्नोलॉजी अक्सर कानून से तेज दौड़ती है। स्मार्ट ग्लास भी उसी का उदाहरण है। भारत सहित कई देशों में सार्वजनिक जगह पर वीडियो रिकॉर्डिंग कानूनी है लेकिन जब कैमरा किसी के चेहरे पर लगा हो और हर समय चालू हो सकता है तब स्थिति अलग हो जाती है। कानून अभी तक इस तरह की डिवाइस के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।
क्या होने वाला है फ्यूचर?
टेक कंपनियां स्मार्ट ग्लास को अगले बड़े कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म के रुप में देख रही है। जिस तरह प्लेटफॉर्म ने दुनिया बदल दी है। उसी तरह आने वाले समय में स्मार्ट ग्लास भी रोजर्मरा की जिंदगी का हिस्सा बन सकते हैं लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ चुका है। यदि हर व्यक्ति के चेहरे पर कैमरा होगा तो क्या दुनिया एक बड़े सर्विलांस नेटवर्क में बदल जाएगी और शायद यही वह सवाल है जिसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है।
