शिमला: जनजातीय विकास विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश की जनजातीय जनसंख्या में यौन संचारित रोगों की व्यापकता, जोखिम कारकों एवं उपचार-खोज व्यवहार विषयक शोध अध्ययन की रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट को अतिरिक्त मुख्य सचिव जनजातीय विकास ओंकार चंद शर्मा ने जारी किया। यह रिपोर्ट जनजातीय विकास विभाग द्वारा आईजीएमसी शिमला के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहयोग से तैयार की गई है।
जिला चंबा, किन्नौर एवं लाहौल-स्पीति के 3,000 प्रतिभागियों पर आधारित इस अध्ययन में जनजातीय क्षेत्रों में यौन संचारित रोगों से संबंधित लक्षणों, जागरूकता, जोखिम कारकों एवं उपचार प्राप्त करने के व्यवहार का आकलन किया गया है। अध्ययन में जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि अध्ययन के निष्कर्ष जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में प्रस्तुत महत्वपूर्ण निष्कर्षों एवं सिफारिशों पर समयबद्ध उचित कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर संयुक्त सचिव जनजातीय विकास डॉ. विक्रम सिंह नेगी, अनुसंधान अधिकारी डॉ. रूपल सूद, प्रधान अन्वेषक प्रो. (डॉ.) अनमोल गुप्ता, सहायक प्रो. डॉ. अमित सचदेवा तथा जूनियर रेजिडेंट डॉ. अर्चित शर्मा भी उपस्थित थे।
