टेक्नोलॉजी: आजकल जियो और एयरटेल अपने कई रिचार्ज प्लान्स के साथ Google One की फ्री स्टोरेज दे रहे हैं। पहली नजर में यह ऑफर काफी आकर्षक लगता है क्योंकि बिना अतिरिक्त पैसे दिए आपको बड़ी स्टोरेज मिल जाती है लेकिन अगर इसका इस्तेमाल सोच समझकर नहीं किया गया तो आगे चलकर यही सुविधा परेशानी का कारण बन सकती है। इन प्लान्स में कई बार 6 महीने से लेकर 18 महीने तक 1TB या 2TB तक की स्टोरेज मिलती है।
अक्सर यूजर्स इस स्पेस को भरने में देर नहीं लगाते। असली समस्या तब आती है जब फ्री अवधि खत्म हो जाती है। यदि आप उसी स्टोरेज को जारी रखना चाहते हैं तो आपको महंगा सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। यदि भुगतान नहीं किया गया तो आपकी क्लाउड सेवाएं सीमित हो सकती है। इससे कामकाज प्रभावित होने लगता है।
डेटा स्टोर किया तो हटाना होगा आसान
G-mail, Google Drive और Google Photos एक ही स्टोरेज सिस्टम पर चलते हैं। सामान्य तौर पर हर यूजर को 15 GB फ्री स्पेस मिलता है। जब यह सीमा पार हो जाती है तो नए ईमेल आना बंद हो सकते हैं। फाइल अपलोड नहीं हो पाती और फोटो बैकअप भी रुक जाता है। यदि अपने पहले से बहुत ज्यादा डेटा स्टोर कर लिया है तो उसे हटाना भी आसान नहीं होता।
अक्सर सबसे ज्यादा स्पेस फोटो और वीडियो लेते हैं। यदि गूगल फोटोज में ऑटो बैकेअप चालू है तो आपके फोन का हर मीडिया फाइल अपने आप क्लाउड में सेव होता रहता है। यही कारण है कि स्टोरेज बहुत तेजी से भर जाती है। समझदारी इसी बात में जरुरत न होने पर बैकअप फीचर को बंद कर दिया जाए ताकि बेवजह डेटा जमा न हो।
इसलिए होता है फ्री क्लाउड स्पेस का इस्तेमाल
फ्री क्लाउड स्पेस का इस्तेमाल सिर्फ जरुरी चीजों के लिए करना ही बेहतर होता है। महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट्स, बैंकिंग फाइल्स या चुनिंदा फोटो वीडियो ही सेव करें। हर छोटी बड़ी फाइल को क्लाउड पर डालना से आगे मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यदि जरुरी हो तो आप डेटा को खुद चुनकर अपलोड करें। इससे स्टोरेज कंट्रोल में रहती है।
फ्री स्टोरेज एक अच्छी सुविधा है लेकिन बिना प्लानिंग के इसका इस्तेमाल आपको परेशआनी में डाल सकता है। थोड़ी सावधानी और सही मैनेजमेंट से आप न सिर्फ अपनी Gmail ID को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि बेवजह के खर्च से भी बच सकते हैं।
