ASI और Doctor की नौकरी लगवाने के लेती थी इतने लाख रुपए
जालंधर, ENS: जालंधर हाइट्स-3 में महिला खुद को बड़ी प्रशासनिक अधिकारी बताकर लोगों को जाल में फंसाकर उन्हें डॉक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और एएसआई बनवाने का झांसा देकर ठगी मारती थी। इस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पूजा ठाकुर के रूप में हुई है। थाना सदर पुलिस को 200 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की आशंका है। पुलिस ने पूजा ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभि समेत विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। थाना सदर के एसएचओ संजीव सुरी ने बताया कि उन्हें एजीआई के डॉक्टर मनमहक ने शिकायत दी थी।
शिकायत में उन्होंने कहा कि पूजा ने उन्हें झांसे में लिया और कहा कि होम मिनिस्ट्री में उसकी जान पहचान है और वह उनके करीबियों को सरकारी नौकरी दिलवा सकती है। ऐसे में कई लोगों ने नौकरी के नाम पर उसे पैसे ट्रांसफर किए। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार पूजा एएसआई की नौकरी लगवाने के लिए लोगों से 3 लाख रुपए लेती थी, कांस्टेबल के डेढ लाख रुपए लेती थी। इसी तरह नर्स की नौकरी लगवाने के डेढ लाख रुपए लेती थी और डॉक्टर की नौकरी लगवाने के डेढ़ लाख रुपए लेती थी। पूजा ने सभी को बताया कि उसकी होम मिनिस्ट्री में अच्छी जान पहचान है और वहीं पर वह नौकरी करती है।
पुलिस को पूजा के कब्जे से 20 अपॉइंटमेंट लेटर, फेक सरकारी कार्ड, लैबटॉप, मोबाइल बरामद हुआ है। मनमहक की शिकायत के अनुसार उससे 18 लाख रुपए ठगे गए। घटना स्थल से अभी तक पूजा से कैश बरामद नहीं हुआ। पुलिस जांच में सामने आया है कि जालंधर हाईट्स में पूजा की लोगों शाम के समय पार्क में सैर करते समय जान पहचान हो गई। इस दौरान उसने लोगों को बताया था कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है और उसने मैथ्स में पीएचडी की हुई है और वह एमएचओ में रह चुकी है। पूजा के अनुसार उसकी वहां पर काफी जान पहचान है और वह लोगों को सरकारी नौकरी पर लगवा सकती है।
एजीआई फ्लैट में पूजा को 4 से 5 महीने आए हुए थे। जांच के दौरान पता चला है कि पूजा के पास पहले से लैटर पेड मौजूद थे। लोगों को अपॉइंटमेंट लेटर देने के लिए बाहर से फर्जी प्रिंट निकालकर लोगों को देती थी और उनसे पैसे ठगती थी। पुलिस द्वारा आरोपी महिला का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया गया और कोर्ट में पेश करके उसका 3 दिन का रिमांड लिया गया। जांच में सामने आया है कि यह अंतरराज्यीय बड़ा रैकेट है। पूजा ठाकुर का असली ‘बॉस’ दिल्ली में बैठा है, जो वहीं से इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। महिला पीड़ितों को कहती थी कि उसका मुख्य दफ्तर दिल्ली में है और वहीं से पैसे कलेक्ट करने के लिए हर दूसरे दिन एक ‘राइडर’ आता है।
