बागेश्वर: उतराखंड में बागेश्वर जिले के बदियाकोट में मां भगवती के प्राचीन मंदिर में भीषण आग लग गई। आग से मुख्य मंदिर को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में चिंता है। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। मां भगवती मंदिर दानपुर घाटी के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर अपनी पारंपरिक हिमालयी वास्तुकला और लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी के लिए जाना जाता था।
पत्थर और लकड़ी से बनी इसकी संरचना उत्तराखंड की पारंपरिक शिल्पकला की पहचान थी। श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना और मनौती मांगने के लिए पहुंचते थे। स्थानीय लोक मान्यताओं के अनुसार, मां भगवती ने इसी स्थान पर निशुम्भ नाम के दैत्य का वध किया था। इसी वजह से इस क्षेत्र को पहले ‘वधकोट’ कहा जाता था, जो बाद में बदियाकोट नाम से प्रचलित हुआ।
हालांकि, मंदिर की स्थापना की सटीक ऐतिहासिक तिथि दर्ज नहीं है। लोक मान्यताओं में इसे आदिकाल से जुड़ा माना जाता है। मंदिर में धार्मिक परंपराओं के तहत सल्पाती मेला, हर आठ साल में घर आंठियों और हर 12 साल में नंदकुंड उपजात यात्रा का आयोजन होता है। इन आयोजनों में कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में आग लगने से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचने की चिंता बढ़ गई है।
