जालंधर, (ENS): शहर के बस स्टैंड के पास स्थित Ranjit Kaur tour and travels के संचालक द्वारा 8 लाख रूपये ठगी करने का मामला सामने आया है। जहां, दफ्तर के बाहर कुछ लोगों ने हंगामा किया। लोगों ने ट्रैवल एजेंट पर लाखों रुपए लेने और विदेश न भेजने का आरोप लगाया। इस दौरान मनवीर, सपना और शालिनी ने पैसे मांगने पर धमकी देने के भी आरोप लगाए।
मनवीर बाबा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने पहले नॉर्वे का वर्क परमिट अप्लाई किया था लेकिन वहां वर्क परमिट न लगने के कारण रणजीत कौर ने उसका कैंसल करके लक्जमबर्ग वर्क परमिट अप्लाई किया था फिर अपॉइंटमेंट करने का बहाना लगाया और 6 महीने निकाल दिए। इसके बाद पैसे लिए तकरीबन 1 साल हो गया था जो लक्जमबर्ग का वर्क परमिट दिया गया था जो कि उनके द्वारा Luxembourg की एंबेसी में जब चेक करवाया तो यह भी नकली निकला (जिसकी हम पुष्टि नहीं करते) इनके द्वारा यह वर्क परमिट दिल्ली एंबेसी से चेक करवाया गया था।
जिसमें मेल डाली की थी रिप्लाई में एंबेसी की तरफ से इसे फेक बताया गया फिर उसके बाद जब इन्होंने रणजीत कौर से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिए तकरीबन दो ढाई महीने के बाद इन्होंने जालंधर पुलिस कमिश्नर में अब कंप्लेंट कर आई थी इसके बाद समाज सेवक अनिल वर्मा और उनकी टीम द्वारा रणजीत कौर के ऑफिस के बाहर धरना लगा दिया गया। जिसके चलते बस अड्डा चौकी इंचार्ज मौके पर खुद पहुंचे और ऑफिस से दो लेडिस स्टाफ को चौकी में बिठाया है और रणजीत कौर से बातचीत जारी है।
वहीं दूसरी पार्टी लखविंदर नाम के लड़के का भी वर्क परमिट जर्मनी का अप्लाई किया था लेकिन उनको भी मना कर Luxembourg का ऑफर लेटर और वर्क वीजा हाथ में थमा दिया गया। लड़के द्वारा जब चंडीगढ़ वीएफएस में अपनी फाइल जमा की गई तो उसे पता चला कि यह वीजा फेक है और अपॉइंटमेंट भी फेक है। लड़के द्वारा भी तकरीबन ढाई लाख रुपए की रकम रणजीत कौर को दी गई थी। इस मामले में बस अड्डा चौकी इंचार्ज गुरविंदर सिंह का कहना था अगर यह फ्रॉड का मामला हुआ तो बनती कार्रवाई की जाएगी।

