जालंधर, ENS: पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने का ऐलान कर दिया है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं। ऐसे में SIR के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि गलत, फर्जी या दोहराए गए नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे। इससे पहले पंजाब में आखिरी बार 2003 में SIR हुआ था। वहीं SIR को लेकर पूर्व केंद्रिय मंत्री मनोरंजन कालिया का बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा कि 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा। कांग्रेस की सरकार के समय 2003 में SIR हुआ था। ऐसे में अब केंद्र में भाजपा की सरकार के दौरान SIR का ऐलान हुआ है। SIR का मतलब है कि 20 सालों से जिन लोगों की मौत हो गई उनकी वोट काटी जाएंगी। ऐसे में जो लोग एक जगह से दूसरी जगह पर शिफ्ट कर गए है, उनकी वोट पहली जगह से काट दी जाएगी और दूसरी जगह पर दोबारा बन जाएगी।
ऐसा ही शादी करके दूसरे घर जाने वाली लड़कियों की वोटे पहली जगह से काट दी जाएगी और दूसरी जगह बना दी जाएगी। इससे पोल प्रतिशत में बढ़ौतरी देखने को मिलेगी। भाजपा नेता ने कहा कि अगर फिर भी किसी मतदाता को कोई शंका है तो वह कोर्ट का सहारा ले सकता है। इस दौरान मतदाताओं के 13 दस्तावेजों के आधार पर वह अपनी वोट बना सकते है। उन्होंने कहा कि 20 साल पर SIR का प्रोसेस होता है और उसकी के आधार पर यह प्रोसेस किया जा रहा है। इस दौरान फर्जी, डुप्लीकेट और मृतक लोगों की वोट काट दी जाएगी।

