जालंधर, ENS: राघव चड्ढा सहित 6 राज्यसभा सदस्य आप पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए। जिसमें क्रिकेटर हरभजन सिंह भी शामिल है। हाल ही में मोहाली में बच्ची की किडनैपिंग मामले में हरभजन सिंह ने पोस्ट शेयर की थी, जिसके बाद वह काफी ट्रोल हो रहे थे। हाल ही में उन्होंने ट्रोल करने वाले लोगों को जवाब देते हुए कहा कि था वह समय आने पर वह बताएंगे कि राज्यसभा सीटें किस कीमत पर बेची गईं और किसे कितना पैसा पहुंचाया गया। इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह को राज्यसभा टिकट को लेकर को लोगों के सामने नंगा करके सामने लाना चाहिए। क्योंकि हरभजन सिंह इस समय भाजपा में है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी हो और उस पार्टी में राजनीतिक क्या है और ड्रैमोक्रेसी क्या है। उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल सिस्टम में कहीं ना कहीं गिरावट देखने को मिली है।
विधायक ने कहा कि हाल ही में देश के गृह मंत्री अमित शाह मोगा दौरे पर आए थे और उस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में हमें 2 साल के लिए पॉवर दे दों, हम ठीक कर देंगे। उन्होंने कहा कि इस मतलब यह है कि अभी आप ठीक नहीं करना चाहते। विधायक ने कहाकि देश के गृहमंत्री को ऐसी बाते शोभा नहीं देती। पेट्रोल-डीजल के दामों पर कहा कि पिछले 10 दिनों में 5 रुपए तक दाम बढ़ गए। लगातार बढ़ रहे दामों से मंहगाई पर काफी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह रेस्टोरेंट पर गए तो कर्मी ने बताया कि एक सिलेंडर के पीछे 2700 रुपए अतिरिक्त देना पड़ रहा है। ऐसे में देश में लगातार मंहगाई की मार लोगों पर पड़ रही है और आने वाले समय में और मंहगाई की मार के लिए लोगों को तैयार रहना होगा।
एसआईआर को लेकर विधायक ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी के फेस वेल्यू ज्यादा नहीं रह गई। महाराष्ट्र में 70 लाख वोटे काट दी गई। 27 लाख बंगाल में काटी गई। उन्होंने कहा कि कहीं जीरों पते पर 50 वोटें बनी हुई है। कहीं ऐसे प्लाट है जहां 500-500 वोट बनी हुई है, यह सारी प्रक्रिया शक के घेरे में इसलिए ही आती है। ब्यूरोक्रेसी को सभी चीजे अपने हाथों में नहीं लेेनी चाहिए। फेयरली लोगों के बीच नेता जाए और लोग खुद पार्टी के नेताओं को वोट करेंगे। उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं हमारा दुनिया भर में जनाजा निकल रहा है। वहीं ईवीएम मशीन को लेकर कहा कि कम्प्यूटर में फीड करने का कंट्रोल कहीं ना कहीं तो है। ऐसे में अगर कोई पार्टी चुनाव आयोग से डाटा मांगती है तो उन्हें डाटा प्रोवाइड करने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
अगर वह डाटा प्रोवाइड नहीं कर पाते तो इसका मतलब उनके बैकग्राउंड में कहीं ना कहीं हेराफेरी छिपी होती है। कॉकरोच पार्टी को लेकर विधायक ने कहा कि देश में काफी युवा नौकरी की तालाश में है। ऐसे में अगर युवाओं को नौकरियां नहीं मिलती तो वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज को बुलंद करते है। वहीं कॉकरोच पार्टी के नाम पर बने लिंक पर ठगी को लेकर कहा कि लोगों को सोचविचार कर लिंक चैक करने चाहिए। कई बार लोग सोशल मीडिया पर डिपेंड रह जाते है, लेकिन उन्हें सोशल मीडिया पर डिपेंड नहीं रहना चाहिए।
