जालंधर, ENS: पुलिस लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन करने को लेकर हिदायतें देती है, लेकिन खुद पुलिस खाकी वर्दी पर दाग लगा रहा है और ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। दरअसल, भोगपुर में पुलिस विभाग के मुलाजिम की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। जिसमें शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने और कई वाहनों को टक्कर मारने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया और नशे में धुत पुलिसकर्मियों की इस करतूत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। आम जनता का चालान काटने वाली पुलिस जब खुद कानून की धज्जियां उड़ाती नजर आई, तो मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे इस वीडियो में स्थानीय लोगों को एक पुलिस वाहन को घेरकर हंगामा करते हुए देखा जा सकता है। भोगपुर में एक इलाके में घटित इस घटना में आरोप है कि गाड़ी चला रहे पुलिस अधिकारी या कर्मचारी अत्यधिक शराब के नशे में धुत थे। नशे की हालत इतनी ज्यादा थी कि चालक से गाड़ी सही तरीके से नियंत्रित भी नहीं हो पा रही थी, जिसके कारण पुलिस की गाड़ी सड़क पर खड़े और गुजर रहे अन्य वाहनों से टकरा गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस वाहन ने कई गाड़ियों को टक्कर मारी और एक गाड़ी का टायर तक पूरी तरह फट गया।
जब लोगों ने गाड़ी को रोकने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों को नीचे उतरने के लिए कहा, तो वे गाड़ी के अंदर ही बैठे रहे और बाहर निकलने से बचते दिखे। घटना के समय वहां जमा हुए प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत अपने मोबाइल फोन निकाले और पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि लोग बेहद गुस्से में पुलिसकर्मियों से सवाल कर रहे हैं। आम जनता का कहना है कि जब आम लोग थोड़ी सी भी यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं, तो पुलिस तुरंत उनके भारी-भरकम चालान काट देती है।
लेकिन जब खुद पुलिस के नुमाइंदे शराब के नशे में गाड़ियां ठोक रहे हैं और लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, तो उन पर कार्रवाई कौन करेगा? बढ़ते हंगामे को देखते हुए मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ को फोन मिलाकर इस पूरी घटना की सूचना दी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि ऐसे पुलिसकर्मी जो खुद शराब पीकर गाड़ियां चला रहे हैं, वे समाज की सुरक्षा करने के बजाय लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
