पीड़ित बोले, कार्रवाई की जगह पुलिस उन पर लगा रही बच्चा बेचने के आरोप
जालंधर, ENS: भगत सिंह कॉलोनी में एक साल के बच्चे राजन के लापता होने को लेकर परिजनों में भारी रोष पाया जा रहा है। दरअसल, 15 सितंबर की रात राजन पिता शंकर के साथ घर में सो रहा था। इस दौरान आधी रात करीब ढाई बजे जब 47 वर्षीय पिता शंकर की आंख खुली, तो देखा कि राजन गायब था। शंकर ने कहा, “मेरे 8 बच्चे हैं, जिनमें 3 बेटियां व 5 बेटे हैं। सबसे छोटा एक साल का राजन है। वहीं फैक्टरी मालिक दीपक सुरी आज परिवार के साथ सड़क जाम करने के लिए उनके हक में उतरे। इस दौरान पीड़ित परिवार और आम जनता में तीखी नोकझोक भी देखने को मिली।
दरअसल, रोड जाम होने के कारण दोनों पक्षों में तीखी नोकझोक हुई। इस मामले को लेकर परिवार का कहना है कि उनके द्वारा थाना 1 में पुलिस को भी शिकायत दे दी गई है, लेकिन पुलिस उन्हीं पर बच्चा बेचने के आरोप लगाकर उन्हें परेशान कर रही है। परिजनों ने कहाकि करीब एक सप्ताह से बच्चे को ढूंढकर परेशान हो गए है, लेकिन उसका कहीं कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है और ना ही पुलिस उनकी मदद कर रही है। ऐसे में आज परिजनों ने परेशान होकर सड़क पर प्रदर्शन कर रोड जाम कर दी। वहीं प्रवासियों और पंजाबियों में तीखी नोकझोक हो गई। घटना स्थल पर पुलिस भी मौजूद है।
दरअसल, लोगों का कहना हैकि उन्हें दुख है कि परिवार का बच्चा लापता हो गया। लेकिन उनके द्वारा भी किसी काम के सिलसिले में जाना है, ऐसे में रास्ते को जाम ना किया जाए। जिसके बाद काफी देर तक दोनों पक्षों में हंगामा चलता रहा। इस दौरान प्रवासियों ने कहाकि वह इंसाफ ना मिलने पर मजबूर होकर सड़कों पर उतरे है और उनके द्वारा रोड जाम कर इंसाफ की गुहार लगाई जा रही है। वहीं प्रदर्शन को लेकर लोगों काफी परेशान है और वाहनों की लंबी कतारें लग गई है।
परिजनों का कहना है कि वह थाने के चक्कर लगाकर थक चुका है, लेकिन पुलिस उनकी एक नहीं सुन रही। वहीं दीपक सुरी ने कहाकि पीड़ित परिवार के पिता शंकर का कहना है कि हमने अगर बच्चा बेचा होता तो थाने में शिकायत क्यों देने आते। शंकर का कहना है कि बस्ती बावा खेल से अगवा हुए बच्चे को पुलिस ने कुछ ही घंटों में बरामद कर लिया था, लेकिन थाना-1 की पुलिस ने उनकी एक नहीं सुन रही। 15 सितंबर की आधी रात को बेटा गायब होने के बाद जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस ने मदद करने के बजाय उलटा उन्हीं पर आरोप लगा दिया।