जालंधर, ENS: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा आज 10वीं का रिजल्ट घोषित किया गया। 10वीं जालंधर सिटी के लाडोवाली सरकारी स्कूल के संजय कुमार ठाकुर के बेटे महेश कुमार ठाकुर ने 650 में से 643 नंबर लेकर जिले की मैरिट में टॉप स्थान पाया है। इसके साथ ही वह स्टेट की सूची में तीसरे स्थान वाले तीन छात्रों में शामिल है। महेश ठाकुर के पिता ऑटो चालक है। पिता को जब बेटे के रिजल्ट के बारे में पता चला तो ऑटो में बेटे को स्कूल से लेने के लिए पहुंच गए। पिता ने बताया कि वह 15 साल से ऑटो चला रहा है। लॉकडाउन के समय से बिहार से वह पंजाब आ गए। बिहार में बेटा चौथी कक्षा तक पढ़ा और उसके बाद वह जालंधर आ गया। बेटे का सपना डॉक्टर बनने का है। पिता ने बताया कि उसके 4 बच्चे है, जिसमें दूसरा लड़का बीएड कर रहा है।
8वीं में भी बेटे ने घर का नाम रोशन किया और टॉप किया था। श्री दशमेश कॉन्वेंट स्कूल की पावनी कश्यप को मैरिट लिस्ट में दूसरा जबकि तलवण की प्रभनूर को तीसरा स्थान मिला है। स्टेट की मैरिट लिस्ट में टॉप थ्री में भी दोआबा के होशियारपुर की बेटी शामिल है। होशियारपुर के गुरु हरकृष्ण स्कूल की रिया रानी ने 645 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। रिया ने 99.23 प्रतिशत नंबर लिए हैं। होशियारपुर के श्री हरकृष्ण पब्लिक स्कूल की वाइस प्रिंसीपल बलवीर कौर ने बताया कि रिया रानी उनके स्कूल की होनहार स्टूडेंट है। उनको खुशी है कि उसने मैरिट में आकर स्कूल का नाम रोशन किया है। जालंधर का प्रदर्शन इस बार मिला-जुला रहा है, जहां 93.70% पास प्रतिशत के साथ जिला राज्य की रैंकिंग में 16वें स्थान पर खिसक गया है।
जिले से परीक्षा में शामिल हुए कुल 19,658 परीक्षार्थियों में से 18,419 छात्र सफल रहे, जबकि राज्य की मैरिट सूची में जिले के 17 छात्रों ने अपनी जगह बनाई, जिनमें 12 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं। पिछले साल के मुकाबले रैंकिंग में आई इस गिरावट ने जिला शिक्षा विभाग के लिए आत्म-मंथन की स्थिति पैदा कर दी है। भले ही जिले का टोटल प्रदर्शन गिरा हो, लेकिन जालंधर की छात्राओं ने व्यक्तिगत रूप से शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। राज्य स्तरीय मैरिट सूची में स्थान पाने वाले जिले के 17 मेधावियों में लड़कियों का दबदबा (12 लड़कियां) रहा। जिले में महिला शिक्षा का स्तर निरंतर बढ़ रहा है। शिक्षा बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में जालंधर का प्रदर्शन काफी बेहतर था और जिला राज्य की शीर्ष रैंकिंग के करीब था। इस वर्ष पास प्रतिशत और रैंकिंग, दोनों में आई गिरावट के पीछे मुख्य कारण अन्य जिलों (जैसे गुरदासपुर और पठानकोट) का असाधारण प्रदर्शन माना जा रहा है।
