जालंधर/वरुणः नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की टीम भले ही अवैध बिल्डिंगों के मालिकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। लेकिन हकीकत यह है कि निगम की इस कार्रवाई का असर अवैध इमारतों के मालिकों पर देखने को नहीं मिल रहा। प्रशासन के कुछ अधिकारियों द्वारा यह ढीली कार्रवाई ही निगम कमिशनर अभिजीत कपिलेश के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिसके चलते उक्त कुछ अधिकारियों द्वारा सख्ती से कार्रवाई ना किए जाने के कारण अवैध इमारतों के मालिक मिलकर निगम के खजाने को जमकर लूट रहे हैं। बता दें कि इस विभाग की कमान दो बड़े अधिकारियों के हाथ में है हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद विभाग में से भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।
गौरतलब है कि निगम की बिल्डिंग ब्रांच की टीम के द्वारा कई इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। लेकिन इसके विपरीत कुछ इमारतों के मालिकों ने निगम प्रशासन की कार्रवाई की धज्जियां उड़ाते हुए सील तोड़कर दोबारा से काम शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह है कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन अवैध इमारतों पर कार्रवाई करने के बड़े धावे तो करता है, लेकिन शहर की कुछ अवैध इमारतों के मालिकों द्वारा सील तोड़कर दोबारा से काम किए जाने की खबरें मिलने के बाद भी प्रशासन इनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं करवा पा रहा।
मंडी फैंटनगंज में 6 इमारतों के मालिकों ने उड़ाई निगम की धज्जियां

गौर हो कि बीते कुछ दिन पहले मंडी फैंटनगंज में जिंदल कारपोरेशन वाली इमारत को निगम ने दो बार सील किया था लेकिन उक्त मालिक ने दोनों बार सील तोड़कर दोबारा से काम शुरू कर दिया। वहीं अगर हम इसी रोड पर शिव मंदिर के नजदीक पर निगम द्वारा की गई कार्रवाई की बात करें तो यहां पर निगम की टीम ने 4 दुकानों को सील किया था। दरअसल, इसके पीछे 4 रिहायशी घरों को गिराकर वहां बड़ा हाल बनाकर 2 मंजिला लेंटर डाला जा रहा था। जिस पर निगम ने कार्रवाई करते हुए सील कर दिया था। लेकिन निगम की कार्रवाई की धज्जियां उड़ाते हुए बीते प्राप्टी मालिक ने खुद सील तोड़कर यहां पर दोबारा से निर्माण का काम शुरु करवा दिया है। वहीं दूसरी ओर मंडी फैंटनगंज पुराने डाकखाने के सामने एक होटल को निगम ने नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे थे। हैरानी की बात यह है कि प्राप्टी मालिक न तो निगम की टीम को होटल का मंजूरशुदा नक्शा पेश कर पाया और न ही निगम ने इस होटल को सील करने की फाईल आगे बढ़ाकर कार्रवाई करना सही समझा।
प्रताप बाग के समीप सील लगने के बावजूद 4 इमारतों के मालिक प्रशासन को दिखा रहे ठेंगा

प्रताप बाग के समीप 3 दुकानों पर निगम की बिल्डिंग ब्रांच टीम ने 2 बार कार्रवाई करते हुए सील किया था। लेकिन उक्त दुकान के मालिकों ने दोंनो बार सील तोड़कर काम शुरू कर दिया। हालांकि इसकी शिकायत मिलने पर निगम कमिशनर ने एक सप्ताह का समय देकर तीनों दुकानदारों को सामान बाहर निकालने का समय बिल्डिंग ब्रांच की टीम को दिया था। हैरानी की बात यह है कि कमिशनर के आदेशों के बावजूद एक महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रशासन ने उक्त दुकानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। वहीं मंडी चौंक में शनि मंदिर के नजदीक मित्तल हार्डवेयर का रिहायशी नक्शा पास है। जिसको लेकर निगम के एटीपी सुखदेव वशिष्ट ने खुद मित्तल हार्डवेयर के मालिक को नोटिस जारी किया था। लेकिन इस इमारत के मालिक के खिलाफ भी की गई कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
पुराने मड्ड हाउस की छत बदलने के बहाने अवैध निर्माण शुरू

इसी तरह सेंट्रल टाउन में स्थित होटल AGI INN के सामने एक पुराने मड्ड हाउस की छत बदलने के लिए जनवरी 2021 में एक डम्मी लैटर लिया गया था। जहां तत्कालीन एटीपी की मिलीभगत से 6 बड़े शोरूम का अवैध निर्माण शुरु करवा दिया गया। जिसका कोई भी नक्शा पास नहीं है। लेकिन प्रशासन की ओर से यहां पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
