सेहत: हाथ धोना एक बहुत ही साधारण सी आदत लगती है। इसमें न ज्यादा समय लगता है कि न किसी खास साधन की जरुरत होती है फिर भी यही छोटी सी आदत हमें कई तरह के इंफेक्शन से बचा सकती है। यही वजह है कि आधुनिक चिकित्सा के दौर में भी डॉक्टर बार-बार हाथ धोने की सलाह देते हैं। यह सिर्फ व्यक्तिगत सफाई का मामला नहीं है बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है।
टीकों और एंटीबायोटिक्स के आने से बहुत पहले भी हाथों की सफाई ने लोगों की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। कोविड-19 महामाही के दौरान भी यही बात फिर से सामने आई कि साफ हाथ इंफेक्शन की चेन को तोड़ने का सबसे आसान तरीका है।
क्यों हाथ धोना जरुरी?
रोजमर्रा की जिंदगी में कई चीजों को छूते हैं जैसे दरवाजे के हैंडल, मोबाइल फोन, पैसे, रेलिंग या फिर किसी से हाथ मिलना। इस सब पर सूक्ष्म जीव मौजूद हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बहुत से लोग हाथ धोने को गंभीरता से नहीं लेते जबकि यह आदत कई गंभीर इंफेक्शन से बचाती है और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।
जब गंदे हाथ चेहरे, आंख, नाक या मुंह तक पहुंचते हैं। यह जीव शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और बीमारियों की शुरुआत होती है। ऐसे ही हैजा, टाइफाइड, डायरिया और इंफ्लुएंजा जैसी बीमारियां फैलती है। खास बात यह है कि इंजेक्शन सिर्फ गंदे माहौल में ही नहीं बल्कि साफ दिखाने वाली जगहों पर भी हो सकता है ऐसे एक्टिव रहना जरुरी है।
रिसर्च में हुआ खुलासा
साइंटिस्ट रिसर्च भी इस बात की पुष्टि करते हैं। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, यही तरीके से हाथ धोने से इंफेक्शन का खतरा करीबन 20 प्रतिशत तक काम हो सकता है। इन देशों में साफ पानी और स्वच्छता की बेहतर सुविधा होती है।
इंफेक्शन के मामलों में साफ गिरावट देखी गई है। अक्सर लोग रोजमर्रा के छोटे-छोटे मौकों को नजरअंदाज कर देते हैं। जहां हाथ धोना बहुत जरुरी होता है कि जैसे कि शौचालय इस्तेमाल करने के बाद, खाना बनने या खाना से पहले, कच्चे भोजने को छूने के बाद, खांसने या छींकने के बाद और बाहर से घर आने पर। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह आदत और भी आदत जरुरी है क्योंकि उनकी रोग इम्युन सिस्टम अपेक्षाकृतद कमजोर होती है।
हाथ धोने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना
उसे करना, लगभग 20 सैकेंड तक साबुन और पानी से हाथ धोना चाहिए। हथेलियों, हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच और नाखूनों के नीचे अच्छे तरह सफाई करनी चाहिए। साबुन गंदगी और कीटाणुओं को हटाने में मदद करता है।
जबकि हथेलियों, हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच और नाखूनों के नीचे अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। साबुन गंदगी और कीटाणुओं को हटाने में मदद करता है जबकि सिर्फ पानी से धोना पर्याप्त नहीं होता है। यदि साबुन उपलब्ध न हो तो अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन यह पूरी तरह ऑप्शन न हो।
