कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून के आगमन से पहले ही लैंडस्लाइड के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में भी मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग घटीगढ़ में बार-बार लैंडस्लाइड हो रहा है। मणिकर्ण घाटी के घटिगढ़ में भूस्खलन की चपेट में आया वाहन ड्राइवर बाल-बाल बचा। इसकी वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गाड़ी नीचे खड़ी है और पहाड़ों से अचानक लैंडलाइड होने के कारण पत्थर गिर गए। घटना में गाड़ी बुरी तरह से तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के दौरान गाड़ी में चालक मौजूद था, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। जबकि ड्राइवर के साथ वाली सीट पर भारी भरकम पत्थर गिरा पड़ा मिला। इसी के साथ लैंडस्लाइड के कारण एक अन्य कार के परखच्चे उड़ गए।
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दूसरे हादसे में गाड़ी पूरी तरह से डैमेज हो गई। दोनों घटनाओं को देखकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो रहे है। लगातार हो रही लैंडस्लाइड से आने वाले समय में पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो सकता है। बता दें कि मणिकर्ण घाटी में पर्यटन कारोबार की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बार-बार हो रहे लैंडस्लाइड के चलते यहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों की परेशानी भी बढ़ गई है। जिससे पर्यटन कारोबार के बुरी तरह से प्रभावित होने के आसार नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि मणिकर्ण-बरशैणी सड़क मार्ग से ही विदेशी सैलानियों की पसंद खीर गंगा, मानतलाई ट्रैकिंग रूट, तोष, कालका, पुलगा आदि स्थल आते हैं, लेकिन सड़क बंद होने के चलते सैलानी अब यहां आने से भी डर रहे हैं।
हालांकि ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया था कि वह पार्वती नदी पर एक वैली ब्रिज बनाएं, ताकि अगर पहाड़ी से लैंडस्लाइड के कारण सड़क बंद होती है तो लोग इस ब्रिज के जरिए मणिकर्ण की ओर जा सकें। मगर इस ओर प्रशासन ने अभी कोई ध्यान नहीं दिया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया ने बताया, “पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन की समस्या को लेकर सरकार, प्रशासन और विभाग से कई बार आग्रह कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जब तक पहाड़ी दरकने से रुक नहीं जाती है, तब तक यहां एक वैली ब्रिज बनाया जाना चाहिए। जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।”
