चंडीगढ़: हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों के शहरी हिस्सों की भीड़ कम कर शहरों को यातायात के दबाव से राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने बाईपास परियोजनाओं को लेकर रणनीति तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि इन परियोजनाओं में राज्य सरकार की हिस्सेदारी तय करने के लिए अलग-अलग वित्तीय मॉडलों पर विचार किया जा रहा है। हर परियोजना की जरूरत और खर्च का आकलन कर उपयुक्त मॉडल चुना जाएगा, ताकि विकास कार्यों को गति देने के साथ प्रदेश के वित्तीय हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बीते दिनों हुई बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्गों के डीकंजेशन संबंधी नीति पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि सभी परियोजनाओं के लिए एक जैसा मॉडल अपनाने के बजाय हर परियोजना की जरूरत और उस पर होने वाले खर्च के हिसाब से फैसला लिया जाएगा।
गंगवा ने बताया कि इस संबंध में लोक निर्माण, वित्त, नगर एवं ग्राम आयोजना, आबकारी एवं कराधान तथा शहरी स्थानीय निकाय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। समिति विभिन्न वित्तीय मॉडलों का अध्ययन कर परियोजना-वार उनकी उपयुक्तता, वित्तीय प्रभाव और उन्हें लागू करने के तरीके पर विचार करेगी।
