फिरोजपुरः पूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने बच्चों की सेहत और मिड-डे मील की क्वालिटी को ध्यान में रखते सरकारी प्राइमरी स्कूल वाजिदपुर में फूड सेफ्टी से जुड़ी जांच की। जांच में मिड-डे मील बनाने, उसे स्टोर करने और साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच की गई, जिसमें कई कमियां पाई गईं।
जांच के दौरान बच्चों ने बताया कि उन्हें अक्सर रोटी के बजाय चावल या खिचड़ी दी जा रही थी। इसके अलावा स्कूल के स्टोर में सरकार से मिली खाने की चीजें साफ-सफाई के बिना और गलत तरीके से स्टोर की हुई पाई गईं। जांच में पता चला कि स्कूल के पास फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस से जुड़े जरूरी कागजात नहीं थे। मिड-डे मील बनाने वाली महिला कर्मचारियों/रसोइयों के जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट भी मौके पर नहीं मिले।
जांच के दौरान मिड-डे मील और इस्तेमाल हो रही खाने की चीजों से कुल तीन सैंपल खिचड़ी, चावल और हल्दी पाउडर लिए गए। इन सैंपल को तय प्रक्रिया के अनुसार टेस्टिंग के लिए भेजा जा रहा है। लैब की रिपोर्ट मिलने के बाद टेस्ट के नतीजों और मौके पर पाई कमियों के आधार पर फूड सेफ्टी कानूनों और नियमों के तहत आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने स्कूल मैनेजमेंट और मिड-डे मील स्टाफ को खाने की साफ-सफाई, सही स्टोरेज, पर्सनल साफ-सफाई और बच्चों को सुरक्षित व अच्छी क्वालिटी का खाना देने के बारे में जरूरी निर्देश भी दिए।