चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान यदि किसी मतदाता का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है तो वह मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है। यह प्रावधान सभी पात्र नागरिकों पर लागू होगा चाहे उनका नाम पहले किसी मतदाता सूची में शामिल रहा हो या नहीं।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो उसे एसआईआर के दौरान या इसके बाद मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए नए सिरे से फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करना होगा।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किसी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा केवल इस आधार पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी कि आवेदक का नाम पहले मतदाता सूची में शामिल था और उसने एसआईआर के दौरान अथवा उसके बाद फॉर्म-6 प्रस्तुत किया है। हालांकि, इसके लिए यह आवश्यक है कि संबंधित मतदाता का नाम किसी अन्य संसदीय व विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज न हो तथा उसके द्वारा की गई घोषणा कानून के अनुरूप हो।
