चंडीगढ़: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के आसपास फैलने वाली दुर्गंध से अब लोगों और किसानों को राहत दिलाने की तैयारी है। हरियाणा में ट्रीटेड वेस्ट वाटर की दुर्गंध कम करने के लिए 24 एसटीपी पर एक्टिवेटेड कार्बन आधारित सिस्टम लगाए जाएंगे। इस पर करीब 3,865.806 लाख रुपये रुपये खर्च होने का अनुमान है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एसटीपी के आसपास दुर्गंध की समस्या को गंभीरता से लेते हुए ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करें।
मंत्री रणबीर गंगवा हरियाणा सिविल सचिवालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में 25 करोड़ रुपये और इससे अधिक लागत वाली प्रमुख परियोजनाओं की सर्कलवार समीक्षा की गई। विभाग की अतिरिक्त सचिव रेणु सोगन, इंजीनियर-इन-चीफ देवेंद्र दहिया सहित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि प्रदेशभर के अधीक्षक अभियंता (एसई), कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) और उपमंडल अभियंता (एसडीओ) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
इसी प्रकार सिरसा सर्कल में फतेहाबाद के खराती खेड़ा रोड, फतेहाबाद में भट्टू रोड, भूना में कुलां रोड, भिवानी सर्कल में भिवानी के दादरी रोड और धाना रोड, सिवानी में तोशाम रोड तथा लोहारू में श्मशान घाट के नजदीक स्थित एसटीपी पर भी यह व्यवस्था स्थापित करने की तैयारी है। इन स्थानों पर एक्टिवेटेड कार्बन आधारित सिस्टम के जरिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर की दुर्गंध कम करने और उसके पुनः उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि ट्रीटेड वेस्ट वाटर का सिंचाई सहित अन्य कार्यों में दोबारा उपयोग बढ़ाने के लिए उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है। किसानों को इस पानी के इस्तेमाल में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। एसटीपी के आसपास दुर्गंध की समस्या हो या ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत, अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और समयबद्ध समाधान करें।
