चंडीगढ़: त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए पंजाब के खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोकने और लोगों को सुरक्षित, पौष्टिक एवं शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर निगरानी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान चलाया हुआ है।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल के सख्त निर्देशों पर विशेष टीमें राज्य के सभी 23 जिलों में निर्माण इकाइयों, थोक मंडियों, मिठाई की दुकानों, डेयरियों, रेस्टोरेंटों और खुदरा दुकानों पर दिन-रात जांच कर रही हैं।

राज्य सरकार के इस सख्त रुख का उल्लेख करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उन लोगों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है, जो मामूली व्यावसायिक लाभ के लिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।
इन छापेमारियों के दौरान विभाग ने 11 टन से अधिक ऐसे खाद्य पदार्थ जब्त किए हैं, जिनके असुरक्षित होने का संदेह था। इन खाद्य पदार्थों में देसी घी, पनीर, खोया, मिठाइयां, खाद्य तेल और वनस्पति शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 5 टन मिलावटी दूध उत्पादों और मिठाइयों, जो खाने के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त थीं, को भी नियमों के अनुसार नष्ट कर दिया गया है।
उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना विभाग को दें और केवल पंजीकृत एवं लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें।
