जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल में कच्चे कर्मियों को पक्का करने की सरकार से अपील की गई। इस दौरान उन्होंने सरकार से पिछले 13 सालों से काम कर रहे कच्चे कर्मियों को पक्का करने की गुजारिश की है। उनका कहना हैकि हाल ही में शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस द्वारा 3 साल या 5 साल तक काम करने वाले कच्चे कर्मियों को पक्का करने का आश्वासन दिया गया है, ऐसे में सरकार सिविल अस्पताल में काम करने वाले कच्चे कर्मियों की ओर भी ध्यान दें ताकि वह भी घर का पालन-पोषण ठीक से कर सके। मामले की जानकारी देते हुए सिविल अस्पताल के दर्जा चार कर्मियों के प्रधान डिंपल ने बताया कि आज उनके द्वारा कर्मियों के साथ मीटिंग की गई।
इस दौरान दर्जा चार कर्मी पिछले 10 से 13 सालों से काम कर रहे है। ऐसे में उन्होंने सिविल अस्पताल में पुराने कर्मियों की ओर सरकार से ध्यान देने की अपील की है। मामले की जानकारी देते हुए प्रधान ने कहा कि सरकार द्वारा पुरानी पेंशन क्लीयर कर दी है। इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने हाल ही में 5 साल या 3 साल से काम कर रहे कच्चे कर्मियों को पक्का करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में प्रधान ने अपील की है कि वह बताएं कि किन कर्मियों को पक्का किया जाना चाहिए। इस दौरान सिविल अस्पताल में बीमार मरीजों की सेवा लंबे समय से कच्चे कर्मियों द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहाकि जालंधर सिविल अस्पताल में 70 कच्चे कर्मी है, वहीं उनके द्वारा पंजाब के सभी सिविल अस्पताल के कच्चे कर्मियों को पक्का किया जाए। ऐसे में उन्होंने सीएम भगवंत मान, सेहत मंत्री बलबीर और शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस से अस्पताल के कच्चे कर्मियों को पक्का करने के लिए ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब पवित्र रिश्ते तार-तार होते दिखाई दिए, तब भी अस्पताल के कच्चे कर्मियों द्वारा कोरोना काल में मृतक लोगों का संस्कार कच्चे कर्मियों द्वारा करवाया गया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर कर्मियों को पक्के नहीं किया जाता तो उनकी सैलेरी 30 हजार रुपए तक की जाए। उन्होंने कहाकि 10 हजार रुपए मासिक वेतन से कर्मियों का घर का गुजारा करना मुश्किल हैं।

