चंडीगढ़ः अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की वाटेंड सूची में भारतीय नागरिक अमृतपाल सिंह का नाम शामिल है। दरअसल, एफबीआई की ओर से अमृतपाल सिंह को वांटेड घोषित किया है। दरअसल, ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप गिरोह अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में सक्रिय ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की आपूर्ति करता था। एफबीआइ के अनुसार 30 वर्षीय अमृतपाल सिंह पर ढांडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप से जुड़े होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा होने के आरोप हैं।

एजेंसी के अनुसार उसकी लंबाई 5 फुट 9 इंच और वजन करीब 61 किलोग्राम है। एफबीआइ के आरोपों के अनुसार ढांडा संगठित अपराध गिरोह का संचालन कनाडा के वैंकूवर से किया जाता था। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सीमापार मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा है। पंजाब से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क पर पिछले कुछ वर्षों में भारत, कनाडा और अमेरिका की एजेंसियों ने कार्रवाई तेज की है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कई मामलों में भी विदेशी जांच एजेंसियां और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान करती रही हैं। हाल के वर्षों में पंजाब से जुड़े गैंगस्टरों के विदेश में बैठकर जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसक वारदातों को संचालित करने के कई मामले सामने आए हैं।
उत्तर अमेरिका में सक्रिय गैंग्स्टर नेटवर्क पर कार्रवाई उस समय और तेज हुई, जब पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह की नंगल में हत्या कर दी गई थी। जांच एजेंसियों ने इस और अन्य मामलों में विदेश में बैठे गैंगस्टर्स और उनके सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की थी। इसके बाद भारत की एजेंसियों ने अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया। एफबीआई की ताजा कार्रवाई को भी अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रहे इसी अभियान की कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं तथा मामले में अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।

