अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करते पंजाब सरकार ने धार्मिक अपमान-रोधी कानून में आपत्तिजनक प्रावधानों के संबंध में एक ड्राफ्ट आधिकारिक तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय को सौंपा। ये ड्राफ्ट पंजाब सरकार के प्रतिनिधि और विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और डीसी तलविंदरजीत सिंह ने सचिवालय के इंचार्ज एस. बगीचा सिंह को एक सीलबंद लिफाफे में दिया।
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डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि सरकार ने उन्हें केवल ये दस्तावेज श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय को सौंपने की जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने बताया कि इसे सीलबंद लिफाफे में दिया है और अब श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा इसका अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निज्जर ने कहा कि धार्मिक अपमान-रोधी कानून पहले ही बनाया जा चुका है और अब जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान भी इस मामले पर चर्चा हुई थी, लेकिन सलाह दी गई थी कि इस मुद्दे को जल्दबाजी में आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर श्री अकाल तख्त साहिब इस ड्राफ्ट से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो सरकार इस पर दोबारा विचार कर सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि अंतिम फ़ैसला श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दस्तावेज का अध्ययन करने के बाद ही आएगा।

