पनामाः पनामा सिटी में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने देश के केंद्रीय प्रांतों में भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा के बाद से अब तक 200 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद अब 6.1 तीव्रता से भूकंप के दोबारा झटके लगे है। हालांकि किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय समय के अनुसार, भूकंप सुबह 4 बजकर 50 मिनट 37 सेकंड पर आया। इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी। फिलहाल इस ताजा भूकंप से हुए नुकसान की जानकारी मूल रिपोर्ट में नहीं दी गई। इस घटना में 27 लोग घायल हुए हैं और लगभग 900 घर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
सुदूर और ग्रामीण इलाकों में नुकसान का आकलन अभी भी जारी है, जिसके चलते घायलों और प्रभावितों की संख्या में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। भूकंप से हुई को देखते हुए पनामा सरकार ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। इस आपातकालीन घोषणा से सरकार को राहत कार्यों के लिए 100 मिलियन डॉलर तक के फंड का आवंटन करने की विशेष अनुमति मिल गई है। भूकंप के कारण केंद्रीय प्रांतों वेरागुआस और लॉस सैंटोस में बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। कम से कम 14 पुल पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में बड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद कई और झटके महसूस किए गए। आपातकालीन संचालन केंद्र के निदेशक रेने गार्सिया ने समाचार एजेंसी सीएनएन को बताया कि भूकंप के बाद 200 झटके आए थे। इनमें कुछ की तीव्रता 6.1 और 6.6 तक पहुंच गई थी। इस भूकंप के झटको से कई इलाकों में घरों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा था। सबसे ज्यादा नुकसान दक्षिणी तट पर स्थित कोक्ले प्रांत में सामने आया था। राजधानी पनामा सिटी में भी कुछ नुकसान हुआ था।
राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने प्रभावित अस्पताल का दौरा भी किया था, जहां मरीजों को बाहर निकालकर खुले में इलाज दिया गया। अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने पहले कुछ तटीय इलाकों में सुनामी की आशंका जताई थी, लेकिन बाद में कहा कि अब खतरा नहीं है। पनामा सरकार ने शनिवार को आपातकाल घोषित किया था, जिससे भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद की जा सके और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। राष्ट्रपति कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री जुआन कार्लोस ओरिलैक ने कहा कि इस फैसले से सरकारी एजेंसियां तैयार रहेंगी और प्रभावित समुदायों की मदद के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध होंगे।
