जिबूती के तट पर प्रवासियों से भरी एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस नाव में करीब 305 लोग सवार थे। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 109 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। वहीं, 116 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद 80 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है। लापता लोगों की तलाश जारी है।
305 लोगों को लेकर जा रही थी नाव
जानकारी के मुताबिक, यह नाव जिबूती से यमन की ओर जा रही थी। इसी दौरान गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह के बीच नाव समुद्र में पलट गई। नाव में कुल 305 लोग सवार थे। हादसे के बाद कई लोग समुद्र में लापता हो गए, जबकि कुछ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
IOM ने रविवार को इस हादसे की जानकारी दी। संगठन के अनुसार, अब तक कम से कम 109 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में 15 बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना ने एक बार फिर समुद्र के रास्ते दूसरे देशों में जाने वाले प्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतकों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मरने वालों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे हैं।
हादसे के बाद 80 से ज्यादा लोगों की जान बचाई गई है। हालांकि, कम से कम 116 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। फिलहाल, सभी लापता लोगों के बारे में जानकारी जुटाने और उनकी तलाश करने का काम जारी है।
जिबूती से यमन क्यों जा रहे थे प्रवासी
IOM के मुताबिक, पूर्वी अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र से हर साल हजारों प्रवासी बेहतर जिंदगी, रोजगार और सुरक्षा की तलाश में दूसरे देशों की ओर जाते हैं। इनमें से कई लोग जिबूती पहुंचते हैं और फिर समुद्र के रास्ते यमन की ओर बढ़ते हैं।
इस यात्रा के दौरान प्रवासियों को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार करना पड़ता है। यह समुद्री रास्ता अफ्रीका और अरब प्रायद्वीप के बीच स्थित है। यहां से होकर कई प्रवासी खाड़ी देशों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।
रोजगार और आर्थिक अवसरों की उम्मीद में लोग इस खतरनाक समुद्री रास्ते का सहारा लेते हैं। कई बार नावों में जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठा दिया जाता है। ऐसे में समुद्र में हादसा होने पर यात्रियों की जान पर बड़ा खतरा पैदा हो जाता है।
यमन में हिंसा के बावजूद जारी है प्रवासियों की आवाजाही
यमन में लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद अफ्रीका से यमन की ओर जाने वाले प्रवासियों की आवाजाही जारी है। कई लोग बेहतर रोजगार और आर्थिक स्थिति की उम्मीद में इस जोखिम भरे रास्ते से सफर करते हैं।
हालांकि, इस रास्ते पर समुद्री हादसों और दूसरी परेशानियों का खतरा बना रहता है। नाव पलटने जैसी घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है और कई लोग लापता हो जाते हैं।
IOM ने हादसे पर जताया दुख
जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोयसैक ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान है। उन्होंने यह भी कहा कि यह हादसा याद दिलाता है कि बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में इस प्रवास मार्ग से गुजरने वाले लोगों को कितने खतरों का सामना करना पड़ता है।
