चंडीगढ़: जनगणना संचालन निदेशक डॉ. नवजोत खोसा, आई.ए.एस. की अध्यक्षता में आज विशेष प्रभारों (स्पेशल चार्जिज) के संबंध में राज्य नोडल अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई।इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य नोडल अधिकारियों को जागरूक करना तथा सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों में जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण (फेज-2) की तैयारियों की समीक्षा करना था।
बैठक में विशेष प्रभारों के अंतर्गत सुरक्षित, सटीक और निर्धारित समय-सीमा में जनगणना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इन विशेष प्रभारों में रक्षा क्षेत्र, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सी.ए.पी.एफ.) के क्षेत्र, शिविर एवं संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र, वैज्ञानिक एवं अनुसंधान केंद्र तथा परिचालन, अग्रिम मोर्चे और दुर्गम क्षेत्र शामिल हैं, जहां सामान्य नागरिक गणनाकारों की पहुंच सीमित होती है।

जिला जनगणना अधिकारी, पंजाब द्वारा दिशा-निर्देशों से संबंधित मैनुअल, खाली जनगणना अनुसूचियां, लोकेशन कोड तथा अन्य जनगणना सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। विशेष प्रभारों में आंकड़ों की प्रविष्टि भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले अलग मॉड्यूल के माध्यम से की जाएगी।
विशेष प्रभारों के अधिकारियों का प्रशिक्षण 12 नवंबर 2026 को एन.आई.टी.टी.टी.आर., सेक्टर-26, चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विशेष प्रभार अधिकारी राज्य नोडल अधिकारियों, पी.सी.ओ. और डी.सी.ओ. पंजाब के समन्वय से गणनाकारों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करेंगे।

जनगणना निदेशक ने बैठक में शामिल होने वाले नोडल अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 के लिए आंकड़े एकत्र करने की कार्यप्रणाली पर इस तरह की सार्थक चर्चा का हिस्सा बनना गर्व की बात है।
