चंडीगढ़: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के लोगों, विशेष रूप से दोआबा क्षेत्र के निवासियों को ‘दीवाली का ऐतिहासिक तोहफा’ देते हुए शहीद भगत सिंह (एस.बी.एस.) नगर में एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल बनाने के लिए ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (एलओआई) जारी करके एक और बड़ा वादा पूरा किया है।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में लगभग 160 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इसके तहत नवांशहर में मौजूद 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को ‘नेशनल मेडिकल कमीशन’ (एनएमसी) के मानदंडों के अनुसार अपग्रेड करके 220 बिस्तरों वाला टीचिंग हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जिसमें अकादमिक और आवासीय बुनियादी ढांचा भी शामिल होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एमबीबीएस की सालाना 50 सीटों में से 50% सीटें पंजाब सरकार के कोटे के अंतर्गत आरक्षित होंगी, जिससे इलाके के होनहार युवाओं को अपने घर के नजदीक ही किफायती दरों पर डॉक्टरी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इस बात को दोहराते हुए कि आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा, डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल की तरह ओपीडी स्लिप की फीस केवल 10 रुपये ही होगी। जरूरतमंद और योग्य लाभार्थियों को ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (एमएमएसवाई) और ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत 100 प्रतिशत कैशलेस (नकदी रहित) और मुफ्त इलाज मिलेगा। सरकारी फार्मेसी के माध्यम से जरूरी दवाइयां बिल्कुल मुफ्त मुहैया करवाई जाएंगी, जबकि सी.टी. स्कैन, एम.आर.आई. और अन्य जांच टेस्ट बहुत ही कम दरों पर उपलब्ध होंगे।”
