शिमलाः हिमाचल प्रदेश में रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार लगातार चुनाव जीतने वाले कांग्रेस विधायक नंदलाल का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। वह विधायक बनने से पहले देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा तंत्र का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने एसपीजी में करीब 12 वर्ष सेवाएं दी हैं। उनकी तैनाती गांधी परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में भी रही। 3 नवंबर को कैंसर और किडनी की समस्या के चलते शिमला के अस्पताल में उनका निधन हुआ।
वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और सोनिया गांधी की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्ष 2007 में आईटीबीपी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा था।
नंदलाल का जन्म 16 अप्रैल, 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में हुआ। आईटीबीपी अकादमी में प्रशिक्षण के बाद उन्हें कमांडो दल में शामिल किया गया। सुरक्षा क्षेत्र में उनके अनुभव और सेवाओं के आधार पर वर्ष 1985 में उन्हें विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में शामिल किया गया।
नंद लाल की सेवाओं को तत्कालीन प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और चंद्रशेखर ने भी सराहा था। उन्हें दोनों नेताओं की ओर से उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र मिले थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में आईटीबीपी बटालियन की कमान भी संभाली। सुरक्षा क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था।
मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिला था।
