तरनतारनः जिले के कस्बा खेमकरण स्थित आसल रोड पर एक आढ़ती ने गैंगस्टरों की धमकियों से खौफजदा अज्ञात लोगों पर फायरिंग कर दी। आढ़ती व ट्रांसपोर्टर मनजीत सिंह कट्टा द्वारा शूटरों के संदेह के चलते गोलियां चलाई गईं। तीन लोगों को गोलियां लगीं। जिस दौरान एक की मौत हो गई। जबकि दो को भिखीविंड के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। फायरिंग में गुरसेवक सिंह (50), हरकीरत सिंह और साजन सिंह घायल हुए। तीनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गुरसेवक सिंह ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पड़ताल शुरु कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार थार सवार हमलावरों ने करीब 5 किलोमीटर तक कार का पीछा करने के बाद उसे टक्कर मारी। जिसके बाद गोलियां चलाई गई। भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ सटे कस्बा खेमकरण निवासी मनजीत सिंह कट्टा अपनी पत्नी के साथ कार में सवार होकर घरियाला मंदिर से माथा टेककर वापस खेमकरण लौट रहे थे। मनजीत सिंह कट्टा जब गांव मेहंदीपुर मोड़ पर पहुंचा तो उसके पीछे अन्य गाड़ी लगी हुई थी।
कट्टा जैसे ही रेलवे फाटक के पास पहुंचे, उक्त गाड़ी पर गोलियां चलानी शुरु कर दीं। जिस दौरान तीन लोग घायल हो गए। गोलियां लगने से घायलों में से गुरसेवक सिंह की मौत हो गई। जबकि हरकीरत सिंह व साजन सिंह को गंभीर हालत में भिखीविंड के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। इस घटनाक्रम के बाद कट्टा ने सार्वजनक तौर पर भीड़ को संबोधन भी किया।
ट्रांसपोर्टर मनजीत सिंह कट्टा को कई दिनों से गैंग्सटरों की ओर से धमकियां मिल रही थीं। जिसके चलते उसे सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कांस्टेबल भी मुहैया करवाया गया था। जबकि कट्टा ने निजी तौर पर अपनी सुरक्षा रखी थी। मनजीत ने घटना के बाद कहा कि यह लोग रंगदारी से संबंधित हैं। अपना बचाव खुद ही किया जाए। तरनतारन के एसपी सुखनिंदर सिंह ने कहा कि इस घटना का किसी गैंगस्टर ग्रुप से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि जिस हथियार से फायरिंग की गई, उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आया। एसएसपी सुरिंदर लांबा ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी पर गोली चलाना गंभीर अपराध है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। डीएसपी अतुल सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर जांच कर रही है।
