10.46 लाख रुपये की हुई थी धोखाधड़ी, साइबर सेल ने बैंक और वित्तीय संस्थानों से समन्वय कर राशि करवाई वापस
ऊना: जिला पुलिस ऊना की साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत दिलाई है। जून 2026 में हुई 10 लाख 46 हजार 219 रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने करीब 10 लाख 10 हजार रुपये की राशि होल्ड करवाकर शिकायतकर्ता को वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला ऊना के एक व्यक्ति ने जून 2026 में उसके साथ हुई साइबर धोखाधड़ी की शिकायत साइबर सेल में दर्ज करवाई थी। शिकायत में 10,46,219 रुपये की ठगी होने की बात सामने आई। शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया। समयबद्ध प्रयासों के चलते ठगी गई राशि में से लगभग 10,10,000 रुपये होल्ड करवाए गए और उन्हें शिकायतकर्ता को वापस दिलाया गया।
जिला पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की सक्रियता और संबंधित संस्थानों के साथ बेहतर तालमेल का परिणाम है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सावधान
जिला पुलिस ऊना ने आमजन से अपील की है कि वे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर आने वाली फोन या वीडियो कॉल के झांसे में न आएं। पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग या कोई अन्य सरकारी एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसी कॉल आने पर तुरंत फोन काट दें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार के लालच, धमकी या दबाव में आकर अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाने या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, समय रहते शिकायत करने से ठगी गई राशि को होल्ड करवाने और वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।
जिला पुलिस ने लोगों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया है।