चंडीगढ़ः पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हो गया। दरअसल, कांग्रेस के सभी विधायक आज गले में काले कपड़े डालकर सदन पहुंचे हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ विरोध जताने और सदन में अपनी मांगें उठाने की बात कही थी। प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि पहले राज्य के मुद्दों पर चर्चा कराई जाए। इस पर स्पीकर ने कहा कि इन पर बात कर ली जाएगी, लेकिन उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नशे के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह लोग हमारे से सवाल जवाब करे।
चीमा ने परगट सिंह को कहा कि आप पंजाब में चिटटा फैलाने वाली पार्टी के मेंबर रहे हो। मिस्टर परगट सिंह यू आर दा मेंबर आफ चिट्टा पार्टी। तख्त तलवंडी साहब से झूठी शपथ आप लोगो ने उठाई थी कि नशा खत्म कर देंगे। लेकिन आप लोग नशे के सौदागर बने। आपके पीछे साथी खड़ा लों। उस पर मुदकमे चलत है। पूरा पंजाब जानता है आप कैसे पंजाब में नशा लेकर आए हो। चीमा ने दावा किया कि उनके एक साथी का नाम नशे से जुड़े मामले में शामिल है। हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि परगट सिंह शिरोमणि अकाली दल छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे और अब कांग्रेस के प्रधान बने हैं। उन्होंने कहा कि वह पूछना चाहते हैं कि हजारों युवाओं की मौत के लिए जिम्मेदार कांग्रेस से पंजाब के लोग सवाल क्यों न करें।
चीमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने श्री अकाल तख्त साहिब पर हमला करवाया था। पंजाब और दिल्ली में सिखों के गले में टायर डालकर उनकी हत्या की गई। उन्होंने कहा कि यह पूरा देश जानता है। चीमा ने कांग्रेस नेताओं को जगदीश टाइटलर से जुड़ा बताते हुए आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने अकाल तख्त साहिब को गिराने की कार्रवाई की थी। उन्होंने कांग्रेस पर लाशों पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया। चीमा ने सुखपाल सिंह से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए नशा तस्करी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नकोदर कांड को लोग भूले नहीं हैं।