AdvertisementPunjab Government
Haryana Govtपराली प्रबंधन के लिए 21 हजार से अधिक सीआरएम मशीनें खरीदी

पराली प्रबंधन के लिए 21 हजार से अधिक सीआरएम मशीनें खरीदी

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

चंडीगढ़। पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज कहा कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए किसानों ने इस सीजन में फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) की 21,019 मशीनें खरीदी हैं। इस प्रगतिशील पहल के तहत सुपर सीडर मशीन किसानों की सबसे पसंदीदा मशीन बनकर उभरी है।
उन्होंने कहा कि इन मशीनों पर 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक दी जा रही सब्सिडी इस बात का प्रमाण है कि किसान पराली जलाने के बजाय उसका टिकाऊ कृषि के लिए उपयोग करने की दिशा में सकारात्मक बदलाव अपना रहे हैं।

किसानों द्वारा सबसे अधिक खरीदी गईं पांच मशीनों के बारे में जानकारी देते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सुपर सीडर किसानों की सबसे पसंदीदा मशीन बनकर उभरी है, जिसकी 14,274 यूनिटें खरीदी गई हैं। उन्होंने बताया कि सुपर सीडर के बाद मल्चर की 1,721 यूनिटों और हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ की 1,346 यूनिटों के साथ ये क्रमशः दूसरे और तीसरे सबसे लोकप्रिय विकल्प रहे। जीरो टिल ड्रिल और बेलिंग मशीन की क्रमशः 1,123 और 927 यूनिटें खरीदी गईं, जिससे ये पांच सबसे अधिक खरीदी गई मशीनों में शामिल रहीं। इसके अलावा स्ट्रॉ रेक सहित अन्य उपकरणों के प्रति भी किसानों में अच्छा उत्साह देखने को मिला। स्ट्रॉ रेकस की 874 यूनिटें खरीदी गईं।

इस सकारात्मक बदलाव का श्रेय राज्य सरकार की मजबूत सब्सिडी योजना को देते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सीआरएम मशीनों की खरीद के लिए व्यक्तिगत किसानों को 50 प्रतिशत तथा कस्टम हायरिंग सेंटरों (सीएचसी), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों और पंचायतों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए 576 करोड़ रुपये की मजबूत कार्ययोजना के सहयोग से किए गए इन ठोस प्रयासों के परिणामस्वरूप पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत की गिरावट आई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में पराली जलाने के 49,922 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2025 में इनकी संख्या घटकर केवल 5,114 रह गई। इससे पंजाब को अपनी फसल अवशेष प्रबंधन रणनीति के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

कृषि मंत्री ने कहा कि सुपर सीडर और जीरो टिल ड्रिल जैसी मशीनें किसानों को फसल अवशेषों के बीच सीधे गेहूं की बुवाई करने में सक्षम बनाती हैं। इससे समय की बचत होती है और मिट्टी में नमी बनी रहती है। वहीं, बेलर और रेक मशीनें पराली के खेतों से बाहर उपयोग यानी एक्स-सीटू प्रबंधन को बढ़ावा देती हैं, जिससे पराली का इस्तेमाल बिजली उत्पादन और पशुओं के चारे के लिए किया जा सकता है।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

AdvertisementPunjab Government

Related Articles

Hot this week

T-20 में New Zealand को हरकार India ने बनाया नया रिकार्ड

क्राइस्टचर्चः भारत की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर है। जहां...

‘एंटी चिट्टा अभियान’ के तहत लाखो की संपत्ति जब्त

शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां...

Punjab News: गुरु नगरी पहुंची एशियन चैंपियंस हॉकी ट्रॉफी, खिलाड़ियों ने किया स्वागत, देखें वीडियो

अमृतसरः पंजाब में हीरो पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026...

हरियाणा सरकार ने दवा परीक्षण सुविधाओं को अपग्रेड करने की मंजूरी दी

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जिला अस्पतालों को अपग्रेड, ब्लड...

Punjab News: MLA दिलजीत ग्रेवाल को लगा झटका, विधानसभा से सदस्यता रद्द

लुधियानाः जिले में पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक दलजीत...

T-20 में New Zealand को हरकार India ने बनाया नया रिकार्ड

क्राइस्टचर्चः भारत की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर है। जहां आज भारत का न्यूजीलैंड के साथ पहला टी-20 मैच था।...

‘एंटी चिट्टा अभियान’ के तहत लाखो की संपत्ति जब्त

शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि एंटी चिट्टा अभियान के तहत पुलिस जिला नूरपुर...

Punjab News: गुरु नगरी पहुंची एशियन चैंपियंस हॉकी ट्रॉफी, खिलाड़ियों ने किया स्वागत, देखें वीडियो

अमृतसरः पंजाब में हीरो पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026 को बढ़ावा देने और युवाओं को हॉकी से जोड़ने के...

हरियाणा सरकार ने दवा परीक्षण सुविधाओं को अपग्रेड करने की मंजूरी दी

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जिला अस्पतालों को अपग्रेड, ब्लड बैंकों को मजबूत करने, जांच प्रयोगशालाओं की सुविधाओं में सुधार,...