शिमला: प्रदेश सरकार ने चिट्टा एवं अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान को और तेज करते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने, युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने तथा नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापिस लाने के लिए बहुआयामी रणनीति के तहत कार्य कर रही है।

नशे के विरुद्ध इस अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्च, 2025 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा द्वारा दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इनमें हिमाचल प्रदेश ड्रग्स एंड कंट्रोल्ड सब्सटेंसेज विधेयक, 2025 तथा हिमाचल प्रदेश ऑर्गेनाइज्ड क्राइम्स (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) विधेयक, 2025 शामिल हैं।
इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने नशामुक्ति, रोकथाम और पुनर्वास संबंधी प्रयासों को मजबूत करने के लिए नशामुक्ति रोकथाम एवं पुनर्वास बोर्ड का गठन भी किया है। जिला स्तर पर नशामुक्ति सेवाओं के विस्तार के माध्यम से उपचार, परामर्श और स्वस्थ जीवन की ओर लौटने में सहायता उपलब्ध करवाने पर बल दिया जा रहा है।
