अमृतसरः देहात पुलिस ने सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एएसआई सुखचैन सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले को सुलझाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए आइजी बार्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए गुत्थी को सुलझा लिया है। आइजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 4 अक्टूबर को शाम करीब 7:15 बजे जगदेव कलां के पास जीआरपी में तैनात एएसआई सुखचैन सिंह पर मोटरसाइकिल सवार तीन अनजान हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। इस हमले के दौरान एक गोली उनकी बाजू में लगी थी।
घटना के बाद एसएसपी कंवरप्रीत सिंह चाहल की अगुवाई में पुलिस टीमों का गठन कर जांच शुरू की गई। पुलिस अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान आधारित आईएसआई और विदेशों में बैठे हैंडलरों के संकेतों पर काम कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में सिमरजीत सिंह उर्फ सिमर, बलजीत सिंह और मुख्य शूटर बलजीत सिंह उर्फ गोरी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस मुताबिक, सिमरजीत सिंह मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि बलजीत गोरी मुख्य शूटर था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पैसे का लालच देकर इस वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया था। पुलिस अनुसार, मुख्य आरोपी बलजीत गोरी का पहले भी अपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके विरुद्ध गंभीर धाराओं तहत मामले दर्ज हैं। इनमें मार्च महीने हुए ग्रेनेड हमले से संबंधित मामला भी शामिल बताया गया है। मामले की जांच के दौरान सबूत इकट्ठे करने और आरोपियों वल्लों वाददात के बाद भागने के रास्ते की पुष्टि करने के लिए अजनााला पुलिस की टीम मुख्य शूटर बलजीत गोरी को घटना वाली जगह पर लेकर गई थी।
पुलिस अनुसार, जब पुलिस टीम गाड़ी में से उतर रही थी तो आरोपी बलजीत गोरी ने अचानक एक सब-इंस्पेक्टर का सर्विस रिवॉल्वर छीन लिया और भागने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों और आरोपी के बीच हथोपाई हो गई और दो गोलियां चलीं। पहली गोली पुलिस की गाड़ी की छत को पार कर गई, जबकि दूसरी गोली आरोपी बलजीत गोरी के पैर में लगी। पुलिस कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को काबू कर लिया और इलाज के लिए अजनााला के अस्पताल में भर्ती कराया।
