जालंधर, ENS: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 26 सितंबर को हुई हिंसा की जांच में पुलिस ने कथित दुष्कर्म की वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के मूल स्रोत का पता लगा लिया है। मिली जानकारी के अनुसार यह पोस्ट एलपीयू की फस्ट ईयर की एक छात्रा ने रेडिट पर डाली थी। पुलिस को रेडिट के अमेरिका स्थित मुख्यालय से संबंधित उपयोगकर्ता की जानकारी मिली। पंजाब पुलिस की तकनीकी और साइबर टीम ने आईपी ट्रैक कर छात्रा की पहचान की। विशेष जांच दल ने छात्रा से पूछताछ कर उसका विस्तृत बयान दर्ज किया है।
छात्रा ने स्वीकार किया कि उसने सुनी-सुनाई बात के आधार पर अपनी राय व्यक्त की थी। उसकी जानकारी प्रत्यक्ष नहीं थी। यह पोस्ट 24 सितंबर और फिर 26 सितंबर को दो बार डाली गई थी। बाद में इसे हटा दिया गया था। पोस्ट तेजी से फैलने से छात्रों में आक्रोश बढ़ा और हिंसा भड़क गई। बता दें कि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार से सोशल मीडिया पर फैली कथित गलत सूचनाओं को लेकर सवाल किए।
सरकार ने अदालत को बताया कि अभी तक जांच में दुष्कर्म या हत्या की कोई घटना सामने नहीं आई है। हालांकि, मामले की जांच जारी है। सरकार ने यह भी बताया कि हिंसा में शामिल 15 लोगों की पहचान की जा चुकी है और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार की स्थिति रिपोर्ट पर सोमवार तक पक्ष रखने का निर्देश दिया। सुनवाई सोमवार तक स्थगित करते हुए सरकार से यह भी बताने को कहा गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
